प्रसिद्ध कवि व साहित्यकार सुबोध कुमार सुधाकर का निधन, लोगों में शोक की लहर

उनकी रचनाएं हमेशा से ही लोगों के दिलों को छू जाती थी

त्रिवेणीगंज. प्रसिद्ध कवि और साहित्यकार सह पत्रकार सुबोध कुमार सुधाकर का शनिवार को निधन हो गया. जिससे साहित्य जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर फैल गई. उनके निधन से लोगों में मातम पसर गया और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए लोग उनके आवास पर पहुंच कर श्रद्धांजलि दे रहे हैं. श्री सुधाकर का जन्म 30 दिसंबर 1943 ई को प्रखंड क्षेत्र के मचहा में हुआ था. उन्होंने अपने छात्र जीवन से ही साहित्य के क्षेत्र में अपनी कविताओं और लेखन के माध्यम से समाज को एक नई दिशा दिखाई. उनकी रचनाएं हमेशा से ही लोगों के दिलों को छू जाती थी. वे साहित्यिक मासिक पत्रिका “क्षणदा ” के संपादक रहे. वर्ष 1967 में उनकी रचित गीत संग्रह बीन के तार काफी चर्चित हुई थी. इसके बाद खोल तेरी पतवार, चल नदिया के पार और जलद घिरे आकाश सहित कई पुस्तकें उन्होंने लिखी. उन्हें 2005 में साहित्य रत्न, 2006 में संपादक रत्न, राष्ट्रभाषा रत्न सहित कई सम्मान से नवाजा गया था. उन्हें हमेशा साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में एक प्रेरणा का स्रोत बनाया गया. उनके निधन पर साहित्य जगत के कई प्रमुख लोगों ने शोक व्यक्त किया है और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है. उनके निधन से साहित्य जगत में एक शून्य पैदा हो गया है, जिसे भरा नहीं जा सकता.

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