भगैत श्रवण करने से मानव का होता है कल्याण

चंपानगर पंचायत के मतनाजा गांव में अखिल भारतीय भ्रमणशील धर्म यज्ञ भगैत महासभा के तत्वावधान में 63 वां वार्षिक महाधिवेशन के अवसर पर धर्मराज सभा का आयोजन हुआ

अखिल भारतीय भ्रमणशील धर्म यज्ञ भगैत महासभा का 63 वां वार्षिक महाधिवेशन का समापन राघोपुर चंपानगर पंचायत के मतनाजा गांव में अखिल भारतीय भ्रमणशील धर्म यज्ञ भगैत महासभा के तत्वावधान में 63 वां वार्षिक महाधिवेशन के अवसर पर धर्मराज सभा का आयोजन हुआ. धर्मराज सभा में सर्वसम्मति से लोकगाथा भगैत के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ”भारत रत्न“ , पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री पुरस्कार की मांग भारत सरकार से किया गया. वहीं बिहार सरकार से धर्मराज महोत्सव को राजकीय महोत्सव की दर्जा दिलाने की मांग किया गया. धर्मराज सभा को संबोधित करते हुए महासभा प्रवक्ता डॉ अमन कुमार ने कहा कि मानवता ही सच्चा धर्म है. दुनिया का सभी धर्म मानवता और शांति का पैगाम देता है. लोकगाथा भगैत मानवता की असली पाठशाला है. महासभा मुख्य महंत जागेश्वर यादव ने कहा कि आध्यात्म का मार्ग ज्ञानियों का मार्ग है. इसे अपनाने की आवश्यकता है. जातिय भेदभाव, आंतरिक कलह और अंधविश्वास धर्म गुरूओं की निष्क्रियता के कारण पनप रही है. वार्षिक सभापति ब्रह्मदेव यादव व मंत्री शत्रुध्न यादव ने कहा कि भगैत भारतीय संस्कृति और सभ्यता की सर्वाेत्तम प्रहरी है. भगैत श्रवण करने से मानव का कल्याण होता है. धर्मराज सभा में आचार्य रामजी यादव, बीरेंद्र दास, यज्ञ मंत्री संतोष कुमार, सचिव सत्यनारायण यादव, कोषाध्यक्ष धनिक लाल यादव, मासिक सभापति कुलानंद यादव,उमेश यादव, डोमी यादव, वीरेन्द्र यादव,अनंत यादव, कर्पूरी यादव, मनोज यादव, महात्मा गजेन्द्र यादव, परमानन्द कुमार पप्पू,अशोक यादव आदि उपस्थित थे.

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By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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