वीरपुर (सुपौल) से प्रमोद कुमार की रिपोर्ट,
पूर्वी कोसी तटबंध पर तेज बहाव के खतरे को कम करने के उद्देश्य से करीब 304 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया सेंट्रल पायलट चैनल शनिवार को कोसी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ स्वतः सक्रिय हो गया। शनिवार सुबह लगभग चार बजे चैनल में पानी का बहाव शुरू हुआ, जिसे जल संसाधन विभाग ने महत्वपूर्ण और सकारात्मक संकेत माना है।शनिवार शाम करीब चार बजे जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर संजीव शैलेश सेंट्रल पायलट चैनल पहुंचे और अधीक्षण अभियंता संजय कुमार समेत अन्य अभियंताओं के साथ नाव से करीब 2.5 किलोमीटर लंबे, 30 मीटर चौड़े और लगभग दो मीटर गहरे चैनल का निरीक्षण किया।निरीक्षण के बाद चीफ इंजीनियर ने निर्माण एजेंसी, एसडीओ प्रशांत कुमार और जेई मुकेश कुमार से तकनीकी जानकारी ली। उन्होंने कोसी बराज के 28 नंबर फाटक से सेंट्रल चैनल तक एलाइनमेंट सुनिश्चित करने तथा चिन्हित स्थल पर लाल झंडे लगाने का निर्देश दिया।
चीफ इंजीनियर संजीव शैलेश ने कहा कि ढाई किलोमीटर लंबे इस सेंट्रल पायलट चैनल की वास्तविक सफलता का आकलन समय और बाढ़ के दौरान होने वाले जल प्रवाह के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल भौतिक रूप से देखने पर चैनल का निर्माण काफी बेहतर तरीके से किया गया है।उन्होंने यह भी कहा कि सेंट्रल चैनल प्राकृतिक रूप से स्वतः सक्रिय हो गया है, जो परियोजना के लिए सकारात्मक संकेत है। हालांकि शेष बचे कार्यों को जल्द पूरा कराने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दे दिया गया है।
निरीक्षण के दौरान मा तारा कॉन्ट्रैक्टर्स के संवेदक बसंत भगत, पप्पू गुप्ता, मनोज यादव समेत कई अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।