डोर-स्टेप डिलीवरी व्यवस्था पर उठे सवाल, डीलरों ने लगाया मनमानी का आरोप

Khagaria news: डीलरों का कहना है कि सरकार ने डोर-स्टेप डिलीवरी व्यवस्था इसलिए लागू की थी ताकि समय पर खाद्यान्न पंचायत स्तर तक पहुंच सके और डीलरों को गोदाम का चक्कर नहीं लगाना पड़े. लेकिन त्रिवेणीगंज एसएफसी गोदाम में हालात इसके उलट हैं. यहां डीलरों को सुबह से शाम तक इंतजार करना पड़ता है, तब जाकर खाद्यान्न मिल पाता है.

त्रिवेणीगंज (सुपौल) से दीपक कुमार की रिपोर्ट:

Khagaria news: त्रिवेणीगंज में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत लागू डोर-स्टेप डिलीवरी व्यवस्था विभागीय लापरवाही और कथित सिंडिकेट के आरोपों के कारण विवादों में घिर गई है. डीलरों का आरोप है कि खाद्यान्न उठाव में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है और पूरा सिस्टम मनमाने तरीके से चलाया जा रहा है.

डीलरों का कहना है कि सरकार ने डोर-स्टेप डिलीवरी व्यवस्था इसलिए लागू की थी ताकि समय पर खाद्यान्न पंचायत स्तर तक पहुंच सके और डीलरों को गोदाम का चक्कर नहीं लगाना पड़े. लेकिन त्रिवेणीगंज एसएफसी गोदाम में हालात इसके उलट हैं. यहां डीलरों को सुबह से शाम तक इंतजार करना पड़ता है, तब जाकर खाद्यान्न मिल पाता है.

डीलरों ने आरोप लगाया कि सहायक गोदाम प्रबंधक अधिकतर समय सुपौल में रहते हैं और गोदाम का संचालन कुछ निजी लोगों और ऑपरेटरों के भरोसे चल रहा है. किस डीलर को पहले अनाज मिलेगा और किसे देर तक इंतजार करना पड़ेगा, इसका फैसला विभागीय रोस्टर के बजाय कथित सिंडिकेट द्वारा किया जाता है.

कई डीलरों ने आरोप लगाया कि कुछ खास लोगों को हर बार प्राथमिकता दी जाती है, जबकि सामान्य डीलरों को महीने के अंतिम दिनों तक परेशान होना पड़ता है. वहीं खाद्यान्न एकमुश्त देने के बजाय “पार्ट-पार्ट” में दिया जा रहा है. कभी पांच बोरा तो कभी आधा आवंटन देकर डीलरों को बार-बार गोदाम बुलाया जाता है, जिससे समय और आर्थिक नुकसान दोनों हो रहे हैं.

डीलरों ने गोदाम परिसर में सीसीटीवी कैमरा लगाने की मांग भी की है. उनका आरोप है कि लोडिंग के दौरान कई बार खाद्यान्न गायब हो जाता है. कुछ डीलरों का कहना है कि यदि वे खुद ट्रक के साथ नहीं जाएं तो रास्ते में बोरा कम हो जाता है और वजन भी सही नहीं मिलता.

इसके अलावा ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ योजना के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया गया है. डीलरों का कहना है कि कुछ लोग दूसरे क्षेत्रों के लाभुकों का वितरण दिखाकर अपना कोटा बढ़ा लेते हैं, जिससे नियमित और सही तरीके से वितरण करने वाले डीलरों का आवंटन प्रभावित होता है.

मामले को लेकर जब सहायक गोदाम प्रबंधक से संपर्क किया गया तो उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया. वहीं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी नेहा कुमारी ने कहा कि पार्ट उठाव जनता के हित में किया जा रहा है.

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By Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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