ग्रामीण चिकित्सकों को दिया गया कालाजार व फाइलेरिया उन्मूलन का प्रशिक्षण

गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ चंद्र प्रकाश की अध्यक्षता में सभी ग्रामीण चिकित्सकों को प्रशिक्षण दी गयी

गोगरी. अनुमंडलीय अस्पताल गोगरी पीएचसी में कालाजार को फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर ग्रामीण चिकित्सकों को प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण दिया गया. गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ चंद्र प्रकाश की अध्यक्षता में सभी ग्रामीण चिकित्सकों को प्रशिक्षण दी गयी. प्रशिक्षण के दौरान बीएचएम रूपक कुमार, वाई बी डी एस ओमप्रकाश यादव, प्रोग्राम लीडर करण कुमार, प्रोग्राम ऑफिसर श्रवण कुमार, ओमकार ठाकुर, बीसीएम नीतू कुमारी ने फाइलेरिया उन्मूलन और कालाजार उन्मूलन जैसी खतरनाक बीमारी के बारे में बारीकी से जानकारी देते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को 15 दिन से ऊपर बुखार आ रहा हो, शरीर का वजन कम हो रहा हो, भूख नही लग रही हो, लीवर, पेट फूल रहा हो, छाती की हड्डी दिखाई दे रही हो तो वैसे मरीजों की जांच तुरंत अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल करनी चाहिए. साथ ही इलाज कराया जा सकता है. यह सब कालाजार का लक्षण है. यह बीमारी क्यूलेक्स मच्छर मादा मच्छर के काटने से होता है. फाइलेरिया उन्मूलन के बारे में भी जानकारी देते हुए कहा कि पैर में सूजन हो जाता है. हाइड्रोशिल फुल जाता है जो कि दबाने से पचक जाता है, तो उसे फाइलेरिया बीमारी कहा जाता है. ये सभी बीमारी से बचने के लिए लोगों को एलबेंडाजोल और डीसी गोली सरकार द्वारा दिया जाता है. उसे सभी लोगों को खाना चाहिए. उन्होंने सभी लोगों को पानी को उबाल कर पीने की सलाह दी तथा सफाई पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया. उन्होंने सभी लोगों से अनुरोध किया की होने के समय मच्छरदानी का प्रयोग करें. इसके साथ-सा द बहुत सी दवाई के बारे में विस्तार से बताया गया. जिसमें ग्रामीण चिकित्सा सेवा समन्वय समिति जिला अध्यक्ष मंकेश कुमार, जिला महासचिव अमरेश कुमार, गोगरी प्रखंड के प्रखंड अध्यक्ष अमित कुमार, जमालपुर के नगर अध्यक्ष डॉ मनोज कुमार पासवान, डॉ दीपक कुमार, डॉ दिलीप कुमार, डॉ रंजीत कुमार साह, डॉ पुलिस कुमार महतो, डॉ आशुतोष कुमार, डॉ पंकज कुमार, डॉ मुकेश यादव, शंभू यादव, डॉ रंजीत सिंह, डॉ बूटीलाल, डॉ गणेश कुमार, डॉ संजय कुमार, डॉ जमाल उद्दीन अंसारी, डॉ रफीक आलम अंसारी, डॉ संतोष कुमार आदि ग्रामीण चिकित्सकों ने प्रखंड स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया. उन्होंने कहा कि ग्रामीण चिकित्सक ग्रामीण क्षेत्र के लिए रीढ़ की हड्डी साबित हो रहे हैं.

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