सुपौल जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अफजल आलम ने शनिवार को मंडल कारा का निरीक्षण किया. निरीक्षण का उद्देश्य कारा में बंदियों की मूलभूत सुविधाओं, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं एवं विधिक सहायता व्यवस्था का जायजा लेना रहा. निरीक्षण के क्रम में सचिव ने कारा अधीक्षक की उपस्थिति में सभी वार्डों एवं रसोईघर का विस्तृत निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान कारा परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई. रसोईघर में भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं व्यवस्था का भी अवलोकन किया गया, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गई. निरीक्षण के दौरान कारा परिसर में संचालित लीगल एड क्लिनिक का भी जायजा लिया गया. यहां बंदियों को दी जा रही निःशुल्क विधिक सहायता, परामर्श एवं मामलों की जानकारी की स्थिति की समीक्षा की गई. सचिव ने बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने पर बल दिया और लीगल एड क्लिनिक की भूमिका को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए. इसके अतिरिक्त कारा स्थित अस्पताल वार्ड का भी निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के समय अस्पताल वार्ड में कुल छह बंदी इलाजरत पाए गए. मंडल कारा में क्षमता से 200 से अधिक हैं बंदी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को भी संतोषजनक बताया गया. निरीक्षण के क्रम में कारा अधीक्षक ने जानकारी दी कि वर्तमान में मंडल कारा सुपौल में कुल कैदियों की संख्या लगभग 700 है, जो निर्धारित क्षमता से करीब 200 अधिक है. इस पर सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने बंदियों के अधिकारों, सुविधाओं एवं मानवीय दृष्टिकोण से व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया. निरीक्षण के उपरांत सचिव ने कहा कि बंदियों को विधिक सहायता, स्वच्छ वातावरण और समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है. उन्होंने कारा प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए आवश्यक सुधारों को निरंतर जारी रखने की बात कही.
लीगल क्लिनिक की भूमिका को प्रभावी बनाने का दिया निर्देश
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अफजल आलम ने शनिवार को मंडल कारा का निरीक्षण किया
