मानदेय में वृद्धि और सेवा स्थायीकरण की मांग को लेकर आवास सहायकों की हड़ताल

ग्रामीण आवास कर्मियों के मानदेय में संशोधन करने की सिफारिश की गई थी

प्रतापगंज बिहार सागसा संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर प्रदेश भर के आवास सहायक व पर्यवेक्षक अपनी 16 सूत्री मांगों के समर्थन में हड़ताल पर चले गए हैं. शनिवार से शुरू हुई इस हड़ताल का असर प्रतापगंज प्रखंड में भी साफ़ देखने को मिल रहा है, जहां आवास योजनाओं से संबंधित सभी कार्य पूरी तरह से ठप हो गए हैं. जानकारी के अनुसार, यह आंदोलन बिहार मानवाधिकार आयोग, पटना द्वारा दिए गए उस आदेश की अवहेलना के खिलाफ है, जिसमें ग्रामीण आवास कर्मियों के मानदेय में संशोधन करने की सिफारिश की गई थी. लेकिन चार वर्ष बीत जाने के बाद भी विभाग द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. इस संबंध में संघ के जिलाउपाध्यक्ष संजीव कुमार और प्रखंड अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने संयुक्त रूप से बताया कि वर्तमान समय में महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है, ऐसे में आवास सहायकों को दिए जा रहे अल्प मानदेय से परिवार चलाना अत्यंत कठिन हो गया है. उन्होंने कहा कि सभी आवासकर्मी ईमानदारी और निष्ठा से वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, बावजूद इसके सरकार और विभाग उनकी मांगों को लेकर गंभीर नहीं दिख रही है. उन्होंने बताया कि संगठन द्वारा बार-बार विभाग को वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन न तो कोई पहल हुई और न हीं कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अब भी संवेदनशील रुख अपनाते हुए उनकी मांगों पर विचार नहीं किया, तो आगामी मंगलवार से सभी कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे.

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