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खासकर सुपौल जिले के सीमावर्ती क्षेत्र भीमनगर में एसएसबी और नेपाल की सीमा पर नेपाल
आर्म्ड पुलिस फोर्स (एपीएफ) पूरी तरह से अलर्ट मोड पर हैं. सीमा पर दोनों देशों की सुरक्षा
एजेंसियां चौबीसों घंटे निगरानी में जुटी हैं. भीमनगर बीओपी (बॉर्डर आउट पोस्ट) पर तैनात
एसएसबी 45वीं बटालियन के जवान भारतीय सीमा में प्रवेश करने वाले और नेपाल की ओर
जाने वाले हर वाहन और व्यक्ति की सघन तलाशी ले रहे हैं. उधर, नेपाल के भांटाबारी क्षेत्र में
तैनात एपीएफ जवान भी सीमा पार कर रहे लोगों की पूरी सतर्कता से जांच कर रहे हैं. इससे
पहले 09 मई को कोसी बैराज स्थित कंट्रोल रूम सभागार में भारत-नेपाल समन्वय बैठक
आयोजित की गई थी. बैठक की अध्यक्षता नेपाल के सुनसरी जिले के सीडीओ धर्मेन्द्र कुमार
मिश्रा ने की, जबकि भारत की ओर से सुपौल डीएम कौशल कुमार उपस्थित रहे. बैठक को
कोसी बैराज की सुरक्षा को लेकर सामान्य बताया गया, लेकिन नेपाल पक्ष ने स्पष्ट रूप से कहा
कि नेपाल की धरती से किसी भी तीसरे देश के लोगों द्वारा की जा रही संदिग्ध गतिविधियों को
कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
आतंकी गतिविधियों की सूचना के बाद सतर्कता हाल ही में बांग्लादेश के ठाकुरगांव से आतंकी गतिविधियों की सूचना के बाद नेपाल से सटेबिहार के किशनगंज, अररिया और सुपौल जिलों की सीमाओं पर पुलिस और एसएसबी को
अलर्ट किया गया है. इसके चलते इन क्षेत्रों में सघन गश्त, जांच अभियान और निगरानी तेज
कर दी गई है. एसएसबी जवान स्वान दस्ता (डॉग स्क्वाड) और मेटल डिटेक्टर की मदद से
लोगों, वाहनों और सामानों की तलाशी ले रहे हैं. सीमा चौकियों पर आने-जाने वालों से पूछताछ
कर उनकी पहचान सत्यापित की जा रही है.
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