सुपौल से रोशन सिंह की रिपोर्ट
Heatwave Alert: जिले में भीषण गर्मी और लू का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. सुबह सूर्योदय के साथ ही तेज धूप और उमस लोगों को परेशान करने लगती है, जबकि दिन चढ़ने के साथ गर्म हवाएं हालात को और कठिन बना रही हैं. स्थिति यह है कि सुबह 10 बजे के बाद शहर से लेकर गांव तक की सड़कें लगभग सूनी हो जाती हैं. लोग जरूरी काम निपटाकर जल्द घर लौटने में ही भलाई समझ रहे हैं. बढ़ते तापमान ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है.
सुबह से ही शुरू हो रहा Heat Attack
इन दिनों सूर्य सुबह सात बजे से ही अपना रौद्र रूप दिखाने लगता है. जैसे-जैसे समय बढ़ता है, धूप की तपिश और लू के थपेड़े लोगों को झुलसाने लगते हैं. सुबह 10 से 11 बजे के बीच ही धरती तवे की तरह गर्म हो जाती है. घर से बाहर निकलने वाले लोग सिर से लेकर पैर तक खुद को कपड़ों से ढंकने को मजबूर हैं. गमछा, टोपी, छाता और सनस्क्रीन जैसी चीजें अब जरूरत बन चुकी हैं.
लू ने बाजारों की रौनक छीन ली
गर्म हवाओं का असर बाजारों में भी साफ दिखाई दे रहा है. दोपहर के समय चौक-चौराहों और बाजारों में भीड़ लगभग गायब हो जाती है. दुकानदारों का कहना है कि तेज गर्मी के कारण ग्राहक कम आ रहे हैं, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है. दुपहिया वाहन चालकों की परेशानी सबसे ज्यादा बढ़ गई है. गर्म हवा सीधे शरीर से टकराने के कारण सफर करना मुश्किल हो गया है.
पानी के लिए भटक रहे बेजुबान जानवर
भीषण गर्मी का असर केवल इंसानों तक सीमित नहीं है. पशु-पक्षी भी तेज धूप और पानी की कमी से परेशान हैं. तालाब, पोखर और छोटे जलस्रोतों का जलस्तर घटने से जानवर पानी की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं. कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों द्वारा पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था भी की जा रही है.
कोल्ड ड्रिक और बेल शरबत की बढ़ी मांग
गर्मी से राहत पाने के लिए लोग ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं. शहर में गन्ने का रस, लस्सी, आम का जूस, शरबत और कोल्ड ड्रिंक की दुकानों पर अच्छी खासी भीड़ देखी जा रही है. फल विक्रेताओं के अनुसार तरबूज, खीरा, ककड़ी और अन्य रसदार फलों की मांग में भी तेजी आई है. बेल का शरबत लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है क्योंकि इसे लू से बचाव में उपयोगी माना जाता है.
सावधानी बरतने की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, सूती कपड़े पहनना और दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है. शाम पांच बजे के बाद ही लोगों की आवाजाही बढ़ रही है और बाजारों में फिर से रौनक लौट रही है.
