लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, 'झील' में तब्दील हुआ शहर का गांधी मैदान

पिछले पांच दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण सुपौल का गांधी मैदान झील में तब्दील हो गया है और जिला मुख्यालय के कई इलाकों में भारी जलजमाव की स्थिति बनी हुई है. जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से सड़कों पर कीचड़ का अंबार है, जिससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है.

सुपौल से रोशन सिंह की रिपोर्ट: जिले में पिछले चार-पांच दिनों से जारी रुक-रुक कर बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जलजमाव की समस्या विकराल हो गई है. शहर का हृदय स्थल कहा जाने वाला गांधी मैदान वर्तमान में टापू बन चुका है, जिससे स्थानीय लोगों और खिलाड़ियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

गांधी मैदान में जलभराव, टहलने वालों की बढ़ी परेशानी

लगातार हो रही बारिश और जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण ऐतिहासिक गांधी मैदान पूरी तरह पानी में डूब गया है. मैदान में जमा पानी के कारण सुबह-शाम टहलने वालों का प्रवेश बंद हो गया है. वहीं, बच्चों के खेलकूद और सामाजिक गतिविधियों पर भी पूरी तरह विराम लग गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जलजमाव के कारण मैदान अब झील जैसा दिखाई देने लगा है.

सड़क और नाले हुए एक समान, दुर्घटनाओं का खतरा

शहर के मुख्य मार्गों और निचले इलाकों की स्थिति अत्यंत नारकीय हो गई है. कई जगहों पर जलजमाव के कारण सड़क और नाले का अंतर समाप्त हो गया है, जिससे राहगीरों के बीच दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है. कीचड़ और गड्ढों में भरे पानी ने वाहनों की आवाजाही को भी बुरी तरह प्रभावित किया है. ग्रामीण क्षेत्रों में भी संपर्क सड़कों पर पानी फिर जाने से दैनिक कामकाज के लिए निकलने वाले ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.

प्रशासन के दावों की खुली पोल, जनता में आक्रोश

स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद और जिला प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी जताई है. लोगों का आरोप है कि हर साल मानसून में यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान के नाम पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई. मौसम विभाग की मानें तो अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है, जिससे आने वाले समय में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है.

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Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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