विकास हत्याकांड मामले में पिता-पुत्र गिरफ्तार

दोनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले की जांच एक बार फिर तेज कर दी है

त्रिवेणीगंज. थाना क्षेत्र के हरिहरपट्टी पंचायत के वार्ड नंबर 07 में 13 वर्षीय बालक विकास की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस को छह महीने बाद बड़ी सफलता हाथ लगी है. कांड के मुख्य आरोपित बाप-बेटे को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. दोनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले की जांच एक बार फिर तेज कर दी है. उल्लेखनीय है कि इस संबंध में मृतक की मां मंजू देवी के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज किया गया था. प्राथमिकी में 11 नामजद आरोपियों के साथ-साथ दर्जनों अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया था. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि विकास की हत्या बेहद निर्ममता से की गई और साक्ष्य छिपाने की नीयत से उसके शव को आनन-फानन में जला दिया गया. प्राथमिकी के अनुसार, बीते एक सितंबर की रात करीब 10 बजे विकास अपने घर के बाहर पड़ोस के सौरभ कुमार और गौरव कुमार के साथ मौजूद था. उसने अपनी मां से कहा था कि वह थोड़ी देर में लौट आएगा. लेकिन अगले दिन 02 सितंबर की सुबह करीब 4 बजे मंजू देवी ने अपने आंगन में बने कमरे में बेटे को मृत अवस्था में पाया. विकास के गले में पटुआ की रस्सी लिपटी हुई थी. शरीर पर गहरे जख्म के निशान थे. ललाट पर सूजन साफ दिखाई दे रही थी. मृतक की मां का आरोप है कि घटना के बाद गांव के कुछ लोगों और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर साक्ष्य छिपाने की साजिश रची. इस मामले में थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि हत्या में शामिल मुख्य आरोपी संतोष कुमार मंडल और इनके इनके पुत्र गौरव कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. उन्होंने कहा कि शेष बचे नामजद आरोपियों के खिलाफ जांच जारी है. गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

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