छातापुर. प्रखंड क्षेत्र में बीते दिनों हुई बारिश व तेज हवा से किसानों को व्यापक नुकसान पहुंचा है. बारिश के कारण खासकर गेहूं की तैयार फसल भींगकर खेत में बर्बाद हो गयी है. कहीं खेत में काटकर गिराये गये फसल पानी में डूबा हुआ है तो कहीं थ्रेसर से तैयारी के दौरान फसल का बोझ बारिश में भींग गया. लहलहाते फसल तैयारी के समय बर्बादी को देखकर किसान चिंतित हो गए हैं. किसानों की मानें तो महंगे लागत के बाद फसल की उपज को बेचकर उससे कई उम्मीदें बंधी थी. लेकिन दाना तैयार करते समय हुई बारिश ने उम्मीद पर पानी फेर दिया है. फसल की यह बर्बादी किसानों के लिए किसी आपदा से कम नहीं है. जानकारी अनुसार अंचल क्षेत्र के हजारों एकड़ जमीन में गेहूं का फसल लगाया गया था. अधिकांश पंचायत क्षेत्र में फसल की तैयारी में किसान उत्साहित होकर जुटे हुए थे. लेकिन तैयारी के दौरान हो रही बारिश से गेहूं फसल की गुणवत्ता और वजन पर बुरा असर है. अब प्रभावित दर्जनों किसान फसल क्षति के एवज में मुआवजा के लिए सरकार की ओर टकटकी निगाहों से देख रही है. इस संदर्भ में बीएओ सुधाकर पांडेय ने पूछने पर बताया कि 24 एमएम बारिश हुई है. कृषि समन्वयकों को फसल का जायजा लेने के लिए भेजा गया था. मकई की फसल को बारिश से फायदा हुआ है. खेत में काटकर गिराये गये गेहूं का फसल बारिश से भींगा जरूर है. उसे सुखाकर तैयार करने पर दाना की गुणवत्ता और वजन पर मामूली असर हो सकता है.
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