सुपौल जिले से सटी भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण लगाने के उद्देश्य से प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया है. गुरुवार की शाम सुपौल के जिलाधिकारी सावन कुमार और पुलिस अधीक्षक शरथ आर. एस. ने सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों के आला अधिकारियों के साथ बॉर्डर इलाके में व्यापक पैदल मार्च किया. इस संयुक्त गश्त के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति और संवेदनशील संरचनाओं का बारीकी से जायजा लिया गया.
वीरपुर से मुंशी पिपराही बॉर्डर तक पैदल गश्त
सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति परखने के लिए अधिकारियों का दल पहले चरण में वीरपुर नगर क्षेत्र के वार्ड संख्या 03 और 05 से होते हुए सीधे नेपाल बॉर्डर तक पहुंचा. इस दौरान सीमा के दूसरी ओर नेपाल की सुरक्षा एजेंसी आर्म्ड पुलिस फोर्स (एपीएफ) के जवान भी मुस्तैद दिखाई दिए. इसके बाद, दूसरे चरण में अधिकारियों का पूरा दल बॉर्डर रोड से होते हुए मुंशी पिपराही बॉर्डर तक पैदल मार्च करते हुए आगे बढ़ा. इस दौरान अधिकारियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों की भौगोलिक संरचनाओं, रास्तों और आसपास के सुरक्षा इंतजामों का गहन निरीक्षण किया.
मौके पर मौजूद रहे तमाम प्रशासनिक व सुरक्षा अधिकारी
इस उच्चस्तरीय संयुक्त पैदल मार्च में जिले और अनुमंडल स्तर के कई प्रमुख अधिकारी शामिल रहे. मौके पर वीरपुर एसडीएम विनय कुमार, एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार, बसंतपुर बीडीओ सुजीत कुमार मिश्रा, सीओ ब्रजेश कुमार सिंह, एसएसबी के वरिष्ठ पदाधिकारी, अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी तथा बिहार पुलिस और एसएसबी के बड़ी संख्या में सशस्त्र जवान मौजूद रहे.
तस्करी और अवैध गतिविधियों पर कड़ा प्रहार: डीएम
पैदल मार्च के मुख्य उद्देश्य के बारे में जानकारी देते हुए जिलाधिकारी सावन कुमार ने बताया कि सीमा क्षेत्र में मौजूद सभी संवेदनशील स्थानों और संदिग्ध संरचनाओं को चिन्हित किया जा रहा है. डीएम ने स्पष्ट किया कि नार्कोटिक्स (मादक पदार्थ), अवैध शराब, हथियार सहित किसी भी प्रकार की तस्करी और अवांछित गतिविधियों पर पूर्ण विराम लगाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि पैदल पेट्रोलिंग के माध्यम से उन सभी बिंदुओं की पहचान की जा रही है, जिनका इस्तेमाल असामाजिक तत्व गैरकानूनी गतिविधियों के लिए कर सकते हैं. सुरक्षा एजेंसियों के इस साझा अभियान से सीमा पार और सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय तस्करों व असामाजिक तत्वों में हड़कंप का माहौल है.
