सुपौल समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में सोमवार को सांसद सह अध्यक्ष जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक दिलेश्वर कामैत की अध्यक्षता में आयोजित की गयी. बैठक में विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव, रामविलास कामत, मंत्री उर्जा, योजना एवं विकास विभाग प्रतिनिधि, राजेन्द्र प्रसाद यादव, मंत्री लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग प्रतिनिधि-सह-मुख्य पार्षद नगर परिषद् सुपौल, राघवेन्द्र झा. नगर परिषद, त्रिवेणीगंज एवं नगर पंचायत, वीरपुर के मुख्य पार्षद एवं सभी प्रखंड प्रमुख तथा मनोनीत सदस्य उपस्थित हुए. साथ ही उक्त बैठक में डीएम कौशल कुमार, एसपी शैशव यादव, डीडीसी सुधीर कुमार, अपर समाहर्ता राशिद कलीम अंसारी, सिविल सर्जन डॉ ललन कुमार ठाकुर, डीपीआरओ गयानंद यादव, विशेष कार्य पदाधिकारी विकास कुमार कर्ण, अनुमंडल पदाधिकारी सुपौल एवं वीरपुर, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी, निदेशक, लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन, निदेशक, एनईपी, डीआरडीए, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा, जिला समन्वयक स्वच्छता, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद, नगर पंचायत, सभी कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा एवं अन्य सभी संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित हुए. बैठक में उप विकास आयुक्त द्वारा जानकारी दी गयी कि मनरेगा योजनान्तर्गत विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-28 में मानव दिवस का माह मई 2025 तक का निर्धारित लक्ष्य 1273007 के विरुद्ध अब तक कुल 885585 मानव दिवस सृजन किया गया. जो लक्ष्य का 6957 प्रतिशत है. मनरेगा योजना अन्तर्गत क्रियान्वित योजनाओं में से 81.88 प्रतिशत योजनाओं को पूर्ण करा लिया गया है. शेष कार्य प्रगति पर है. प्रधानमंत्री आवास योजना के संदर्भ में उप विकास आयुक्त द्वारा जानकारी दी गयी प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2021-22 तक के कुल 86925 आवासों को पूर्ण किया गया है. इसी अवधि में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अन्तर्गत द्वितीय किस्त एवं तृतीय किस्त की सहायता राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में भी तेजी लायी गयी है. शेष अपूर्ण आवासों को पूर्ण कराने की कार्रवाई की जा रही है. साथ ही वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभाग से प्राप्त लक्ष्य 20987 के विरुद्ध 20822 योग्य लाभुकों को आवास की स्वीकृति दी गई है. स्वीकृत लाभुकों में से 20243 लाभुकों को प्रथम किस्त, 13760 लाभुकों को द्वितीय किस्त तथा 6043 लाभुकों को तृतीय किस्त की सहायता राशि प्रदान करते हुए अब तक 4787 आवासों को पूर्ण करा लिया गया है. स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के संदर्भ में उप विकास आयुक्त द्वारा जानकारी दी गयी कि सुपौल जिले के समी प्रखंडों में सम्पूर्ण आच्छादन हेतु कुल 114 के विरुद्ध 104 सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है. शेष 10 का निर्माण कार्य प्रगति पर है. सुपौल जिलान्तर्गत लक्षित कुल 174 डब्लूपीयू के विरुद्ध अब तक 168 डब्लूपीयू का निर्माण कार्य पूर्ण करा लिया गया है. शेष 02 निर्माणाधीन है. 03 डब्लूपीयू अन्य डब्लूपीयू से संबंध किया गया है. 01 में जमीन विवाद है. जीविका के प्रतिनिधि द्वारा जानकारी दी गयी कि सुपौल जिला अंतर्गत अबतक 27966 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है. ग्रामीण स्तर पर सभी परिवारों को स्वयं सहायता समूह से जोड़ने हेतु संबंधित ग्राम संगठन द्वारा वार्ड स्तर पर सर्वे कर समूहों में जोड़ने का कार्य किया जा रहा है. ताकि प्रत्येक परिवार के सदस्य जीविका रामूहों से जुड़ सके. स्वयं सहायता समूह से जुड़े सभी परिवारों को जीविका की विभिन्न गतिविधियों एवं जीविकोपार्जन गतिविधियों से जुड़ाव किया जा रहा है. समूहों द्वारा बकरी पालन, पोषक बगीचा, कपड़ा सिलाई, मलवरी खेती आदि का कार्य किया जा रहा है. ग्रामीण कार्य प्रमंडल, सुपौल कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल, सुपौल द्वारा क्रियान्वित की जा रही पीएमजीएसवाई (पुल) के तहत वर्ष 2020-21 में 01 योजना का कार्य पूर्ण हो चुका है. ग्रामीण कार्य प्रमंडल, पीरपुर कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल, वीरपुर द्वारा क्रियान्वित की जा रही पीएमजीएसवाई फेज-2 के तहत 01 एवं फेज-3 के तहत कुल 03 योजना का निर्माण कार्य पूर्ण करा लिया गया है. पीएमजीएसवाई फेज-3 (पुल) के तहत कुल 02 योजना का कार्य पूर्ण करा लिया गया है. ग्रामीण कार्य प्रमंडल, त्रिवेणीगंज कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल, त्रिवेणीगंज द्वारा क्रियान्वित की जा रही पीएमजीएसवाई फेज-3 के तहत स्वीकृत कुल 14 सड़क की योजनाओं में से 13 योजना का कार्य पूर्ण करा लिया गया है तथा 01 योजना का कार्य प्रगति पर है. पीएमजीएसवाई (पुल) फेज-3 के तहत स्वीकृत कुल 07 उच्च स्तरीय पुल का निर्माण कार्य के विरूद्ध 05 पुल का निर्माण कार्य पूर्ण करा लिया गया है. शेष 02 पुल निर्माण का कार्य प्रगति पर है. शिक्षा समीक्षा के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी सुपौल को निदेश दिया गया कि जिस विद्यालय को अन्य विद्यालय के साथ मर्ज किया गया है. यदि वैसे विद्यालयों के पास अपना भवन बन गया है, तो उन विद्यालयों को डी-मर्ज करने हेतु विभाग से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई की जाय. जिला योजना पदाधिकारी, सुपौल द्वारा बताया गया कि सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्राप्त आवंटन के विरुद्ध कुल 36 योजनाएं स्वीकृत की गई है. सभी स्वीकृत 36 योजनाओं का कार्य पूर्ण करा लिया गया है. पीएचईडी समीक्षा के क्रम में कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी सुपौल को निदेश दिया गया कि नल-जल योजना के तहत कार्यरत पम्प ऑपरेटरों का समय पर मानदेय भुगतान की कार्रवाई की जाए. साथ ही नल-जल योजना का अनुरक्षण का नियमित अनुश्रवण किया जाय. सांसद सह-अध्यक्ष, जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा), सुपौल द्वारा समी संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को कार्य में प्रगति लाने का निदेश दिया गया.
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