सुपौल. कांग्रेस पार्टी के सामाजिक न्याय के एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के पिछड़ा प्रकोष्ठ की ओर से शुक्रवार को एक दिवसीय जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता पिछड़ा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष प्रमोद यादव ने की. इसमें जिले भर से पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग के गणमान्य लोगों समेत कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भाग लिया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कांग्रेस नेता मिन्नत रहमानी ने कहा, कांग्रेस पार्टी ने हमेशा से वंचित, पीड़ित, शोषित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की आवाज सबसे बुलंद की है. सात दशकों से पार्टी सामाजिक समानता के लिए संघर्ष करती रही है. लेकिन आज भी जातिगत भेदभाव हमारे समाज की सच्चाई बना हुआ है. उन्होंने कहा कि देश की 70 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्गों की है, लेकिन इनकी भागीदारी प्रशासन, उद्योग और नीति-निर्माण में बेहद सीमित है. रहमानी ने केंद्र सरकार पर जातीय जनगणना से भागने का आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी के दबाव में ही केंद्र अब इसे लेकर मजबूर हुआ है. ओबीसी जिला अध्यक्ष प्रमोद यादव ने कहा, वर्तमान सरकार सिर्फ वादे करती है, लेकिन पिछड़ा समाज के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाती. राहुल गांधी का स्पष्ट मानना है कि अगर बिहार में कांग्रेस की सरकार बनती है तो पिछड़ा वर्ग को उनकी आबादी के अनुपात में आरक्षण और हिस्सेदारी सुनिश्चित की जाएगी. शिक्षक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ सुरेंद्र यादव और सहकारिता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पप्पू वर्मा ने भी अपने संबोधन में पिछड़े वर्ग की हिस्सेदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया. मौके पर पीताम्बर पाठक, शत्रुघ्न प्रसाद चौधरी, सोनू आजाद, सरफराज, मो सलाउद्दीन, योगेंद्र पौद्दार, दिवाकर कुमार, अबु कैश, ज्योतिष कुमार, भूपेंद्र यादव, मनोज कुमार मुन्ना, मो नजरे आलम, हीरालाल, मयंक कुमार, सुशील मिश्रा, पवन पासवान, मनजीत कुमार, रोहित कुमार, संजय अग्रवाल, दीपक चौधरी, विजय लाल सहित अन्य मौजूद थे.
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