शहर में लगेगा क्लॉक टावर, बनेंगे मल्टी स्टोरिंग पार्किंग

बजट में शहर के आधुनिकीकरण पर दिया गया है बल : मुख्य पार्षद

-स्वच्छ, सुंदर व शहर के आधुनिकीकरण को लेकर 01 अरब 53 करोड़ 63 लाख रुपये का बजट ध्वनिमत से पारित – मुख्य पार्षद की अध्यक्षता में हुई बैठक में सदस्यों ने बजट को सराहा सुपौल. स्वच्छ, सुंदर एवं आधुनिक रूप से व्यवस्थित शहर के परिकल्पना को लेकर नगर परिषद कार्यालय स्थित सभागार में शनिवार को मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा राघव की अध्यक्षता, उपमुख्य पार्षद रजिया प्रवीण सहित सभी वार्ड पार्षद की मौजूदगी व कार्यपालक पदाधिकारी अरविंद कुमार सिंह के संचालन में वित्तीय वर्ष 2026- 27 के बजट के लिए विशेष बैठक आयोजित की गयी. बैठक में शहर के विकास एवं बुनियादी सुविधाओं को लेकर घंटों मंथन किया गया. इसके बाद शहर के आधुनिकीकरण के लिए बजट तैयार किया गया. जिसमें 153 करोड़ 63 लाख रुपये खर्च किये जाने प्रस्ताव पारित किया गया. बजट पर चर्चा करते हुए बताया गया कि प्रारंभिक शेष 20 करोड़ 33 लाख रुपये है. आगामी वित्तीय वर्ष में 48 करोड़ 66 लाख रुपये आय का उपबंध किया गया है. वहीं विभिन्न मद से कुल अनुमानित आय 139 करोड़ 87 लाख रुपये बताया गया. इस प्रकार 06 करोड़ 56 लाख रुपये अवशेष रहने का अनुमान लगाया गया है. बोर्ड की बैठक में वार्ड पार्षद मनीष कुमार, गगन ठाकुर, अजीत कुमार आर्य, राज किशोर कामत, शिवजी कामत, गीता सिंह, लवली झा, शंकर राम, जावेद अख्तर, राजा हुसैन, कामेश्वर पासवान, मिथिलेश कुमार मंडल, शिवराम यादव, रंजना देवी, राजेश कुमार ठाकुर, संदीप कुमार, संगीता कुमारी, बीबी खोदेजा, रेणु देवी, फरहाना सुल्तान, रूकसाना खातून, सरस्वती देवी, जयमाला देवी, लक्ष्मी देवी, बीबी गुलशन आरा, कंचन देवी आदि मौजूद थे. आमदनी के प्रमुख स्रोत बजट में संपत्ति कर वसूली का लक्ष्य 3.44 करोड़ रुपये, विज्ञापन शुल्क के माध्यम से 11 लाख रुपये आने का अनुमान लगाया गया है. जबकि शहर में लगाये गये मोबाइल टावर से 33 लाख रुपये आय की संभावना है. इसके अतिरिक्त मुद्रांक शुल्क से 06 करोड़ 60 लाख रुपये एवं प्रोफेशनल टैक्स से 55 लाख रुपये आय की संभावना व्यक्त की गयी है. जबकि सड़क किनारे लगने वाले अस्थायी दुकान एवं सैरात से 01 करोड़ 63 लाख रुपये, टैंकर शुल्क, कचरा संग्रहण आदि से 46 लाख 55 हजार रुपये आय का प्रावधान किया गया है. जबकि प्रमुख आय स्रोत में व्यवसायिक अनुज्ञप्ति, भवन निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृति एवं दंड वसूल, उपभोक्ता शुल्क, उपकरण भाड़ा, 15 वीं वित्त, पीएम स्वनिधि योजना, षष्टम वित्त आयोग, जल-जीवन-हरियाली एवं आवास योजना आदि है. इन विकास मदों में खर्च किये जायेंगे राशि स्थापना व्यय मद के अंतर्गत कर्मचारियों के लिए वेतन, मजदूरी, पेंशन, पीएफ आदि में 07 करोड़ 79 लाख रुपये खर्च किये जाएंगे. प्रशासनिक व्यय के तहत लेखन सामग्री, यात्रा, वाहन, बीमा, ऑडिट आदि में 02 करोड़ 74 लाख रुपये खर्च किये जाने का प्रावधान किया गया है. कबीर अंत्येष्ठी, स्वच्छता, फागिंग आदि पर 21 करोड़ 24 लाख रुपये खर्च किये जाएंगे.इसक अलावे मार्केट कम्पलेक्स, सामुदायिक भवन, ड्रैनेज सिस्टम, पुस्तकालय, शौचालय, सड़क, पुल, रोशनी आदि के लिए 99 करोड़ 97 लाख रुपये खर्च किये जाएंगे. शहर के विकास के लिए बनाया गया शानदार बजट : ईओ बजट पारित होने के बाद कार्यपालक पदाधिकारी अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि शहर के सम्यक विकास के लिए शानदार बजट पेश किया गया. जिसका सदन में मौजूद सम्मानित सदस्यों ने ध्वनिमत से पारित किया. सदस्यों ने बजट की खूब प्रशंसा की. सदस्यों ने कहा कि बजट में शहर के विकास के लिए कई प्रावधान किये गये हैं. जिसका सीधा लाभ शहरवासियों को मिलेगा. बजट में शहर के आधुनिकीकरण पर दिया गया है बल : मुख्य पार्षद मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा राघव ने कहा हमने इस बजट में सुपौल नगर के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दी है. यह बजट न केवल बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करेगा, बल्कि शहर को स्वच्छ और आधुनिक बनाने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा. शहरवासियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार की हैं. उनकी पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करेंगे. मुख्य पार्षद ने कहा कि बड़े शहर की तर्ज पर सुपौल में भी डिलक्स शौचालय निर्माण कराया जाएगा. इसके साथ ही शहर में एक आधुनिक पुस्तकालय का भी निर्माण किया जाएगा. जबकि यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए शहर में मल्टी स्टोरिंग पार्किंग बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि आम तौर पर देखा जाता है कि शव ले जाने में पीड़ित परिवारों को भारी परेशानी झेलनी होती है. इसके निजात के लिए नगर परिषद द्वारा एक शव वाहन की खरीद की जाएगी. साथ ही फुटकर विक्रेताओं के लिए शहर के हटिया एवं गुदरी बाजार में वेडिंग जोन बनाया जाएगा, जबकि शहर की सुंदरता के लिए क्लॉक टावर बनाया जाएगा.

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