प्रखंड उर्वरक निगरानी समिति की हुई बैठक, विभिन्न मुद्दों पर हुई चर्चा

बैठक से अधिकांश उर्वरक विक्रेता रहे अनुपस्थित

-बैठक से अधिकांश उर्वरक विक्रेता रहे अनुपस्थित छातापुर. मुख्यालय स्थित ई किसान भवन में शुक्रवार को खरीफ मौसम को लेकर प्रखंड उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई. प्रखंड प्रमुख आशिया देवी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उर्वरक की आवश्यकता, उपलब्धता, वितरण व्यवस्था, उचित मूल्य पर उर्वरक की बिक्री एवं कालाबजारी से संबंधित विषयों पर पर चर्चा की गई. बैठक में मौजूद कई लोगों ने निगरानी समिति के अधिकांश सदस्यों एवं उर्वरक विक्रेताओं की अनुपस्थिति पर नाराजगी जाहिर की. बीएओ सुधाकर पांडेय के द्वारा यह बताये जाने पर कि प्रखंड को उर्वरक की आपूर्ति एवं विक्रेताओं को आवंटन में उनकी कोई भूमिका नहीं है पर काफी शोर शराबा हुआ और सरकार की नीति पर सवाल खडे़ किये गए. बैठक में मौजूद जीवछपुर पंचायत की मुखिया शोभा देवी, भीमपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि रंजन कुमार भारती, जाप नेता सुभाष कुमार यादव, उप सरपंच कुशवंत कुमार झा सहित कई विक्रेताओं ने उर्वरक आवंटन में मनमानी और भेदभाव करने का आरोप लगाया था. बताया कि अधिकांश दुकानदारों को सीजन में उर्वरक का आवंटन प्राप्त नहीं होता है. थोक विक्रेता प्रखंड के विक्रेताओं को उर्वरक आपूर्ति में मनमानी करते है. वहा बिचौलिया हॉवी है, जिसके कारण किसानों को अपने विक्रेता के पास समय पर उर्वरक नहीं मिल पाता है. आवंटन प्राप्त करने वाले गैर विक्रेता यह कहकर उर्वरक नहीं देता है कि वह उनका नियमित ग्राहक नहीं है. ऐसे में किसानों का आर्थिक शोषण होता है और उर्वरक के लिए भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है. पंचायत स्तर पर उर्वरक आवंटन के लिए डीएओ से करेंगे अनुरोध- बीएओ बीएओ ने आश्वस्त किया कि उर्वरक निगरानी समिति के इन शिकायतों से डीएओ को अवगत कराया जायेगा. साथ ही पंचायत स्तर पर उर्वरक का आवंटन हो इसके लिए अनुरोध भी करेंगे. कहा कि विक्रेताओं को आवंटित उर्वरक का वितरण सही तरीके से सुनिश्चित हो यह जिम्मेवारी उनकी रहती है. बीएओ ने यह भी कहा कि अधिक उपज की लालच में किसान निर्धारित मात्रा से कई गुणा अधिक उर्वरक का प्रयोग करते है. ऐसे में किल्लत की स्थिती बनेगी ही, वहीं मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी छिन्न हो जाएगी. उन्होंने सदस्यों से वर्मी कंपोस्ट एवं जैविक खाद का इस्तेमाल करने हेतू किसानों को प्रेरित करने का अनुरोध किया. कहा कि कृषि समन्वयकों को उनके आवंटित पंचायत के लिए उर्वरक निरीक्षक बनाया गया है. विक्रेताओं द्वारा अधिक मूल्य लेने, कालाबजारी सहित अन्य शिकायत या समस्या पर कृषि समन्वयक आवश्यक कार्रवाई करेंगे. यदि वे आवश्यक कार्रवाई नहीं करते हैं तो इसकी शिकायत बीएओ, बीडीओ, सीओ, एसएओ या डीएओ किसी से भी मोबाइल पर कर सकते है. ताकि शिकायत या समस्या के आलोक में समुचित कार्यवाही की जा सके. प्रखंड प्रमुख ने कहा कि खरीफ मौसम में खेती के लिए किसानों को किसी प्रकार की समस्या नहीं हो और ससमय उचित कीमत पर उर्वरक मिले यह विभाग की जिम्मेवारी है. उर्वरक की आपूर्ति एवं विक्रेताओं को आवंटन को लेकर विभाग की नीति किसान हित में होना चाहिए, इसके लिए वह जिला प्रशासन से पत्राचार कर किसान की समस्या का निदान करने का हरसंभव प्रयास करेंगी. बैठक में प्रमुख प्रतिनिधि अजय कुमार सरदार, आत्मा अध्यक्ष जयशंकर पांडेय, सहायक तकनीकी प्रबंधक, कृषि समन्वयक, उर्वरक विक्रेता आदि मौजूद थे.

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