तिलयुगा नदी पर पुल निर्माण नहीं होने से लोगों में आक्रोश, डायवर्सन के सहारे होता है आवागमन

लोगों ने कहा कि यदि अविलंब इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे

– बारिश के समय यातायात पूरी तरह हो जाता है ठप कुनौली. डगमारा स्थित तिलयुगा नदी पर वर्षों से अधूरे पड़े पुल निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है. दो विधानसभा क्षेत्र निर्मली और लौकही को जोड़ने वाला यह मार्ग अब केवल एक अस्थायी डायवर्सन के भरोसे संचालित हो रहा है. यह मार्ग एनएच-57 और भारत-नेपाल सीमा मार्ग का भी अहम हिस्सा है. स्थानीय लोगों ने बताया कि तिलयुगा नदी पर बने पुराने लोहे का पुल टूटने के बाद से अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है. बरसात के मौसम में जब डायवर्सन पर से बाढ़ का पानी बहने लगता है तो यातायात पूरी तरह से ठप हो जाता है. इससे न सिर्फ स्थानीय जनता बल्कि भारत-नेपाल के बीच आवाजाही करने वालों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. बताया कि पटना, दरभंगा, फारबिसगंज, निर्मली आदि स्थानों के लिए जाने वाली गाड़ियां जब रास्ता बंद होने के कारण फंस जाती है, तब लोगों को मजबूरी में कई किलोमीटर पैदल चलकर अपनी आवश्यक वस्तुएं लानी पड़ती है. स्थानीय लोगों ने बताया कि चुनावी समय में नेताओं द्वारा पुल निर्माण को लेकर किए गए वादे चुनाव के बाद हवा हो जाते है. स्थानीय नारायण कामत उर्फ फूल बाबू, मोद अब्बास, मो सदरे, दुखी साह, महेंद्र मुखिया, खटर मुखिया, शत्रुघ्न, प्रेम कुमार, सोगी कामत और कुंजी लाल कामत आदि ग्रामीणों ने बताया कि तिलयुगा नदी पर पुल का निर्माण नहीं होने से वर्षों से यह क्षेत्र उपेक्षित बना हुआ है. उन्होंने बताया कि विभागीय अधिकारी व जनप्रतिनिधि केवल कागजी आश्वासन देकर गायब हो जाते हैं और स्थिति जस की तस बनी रहती है. लोगों ने कहा कि यदि अविलंब इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे.

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By RAJEEV KUMAR JHA

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