प्रखंड मुख्यालय में बस व ऑटो पड़ाव नहीं रहने के कारण वाहन चालक सहित आम यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है, लेकिन इस पर प्रशासन का ध्यान नहीं है.
सरायगढ़ : सरकार द्वारा शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों को चकाचक किया जा रहा है. वहीं प्रखंड मुख्यालय स्थित बस व ऑटो पड़ाव नहीं रहने के कारण वाहन चालक सहित आवाजाही करने वाले राहगीरों को भारी परेशानी हो रही है. ज्ञात हो कि प्रखंड मुख्यालय के बीचोबीच एनएच 57 गुजरती है. जहां उक्त सड़क मार्ग पर भपटियाही के समीप बस व टैंपो पड़ाव नहीं रहने के कारण चालकों द्वारा वाहनों को सड़क किनारे खड़ी कर सवारियों को चढ़ाया जाता है. जिस कारण हमेशा दुर्घटना का भय बना रहता है. प्रखंड मुख्यालय स्थित एसएच 76 व एनएच 57 सड़क का मिलान पथ रहने के कारण कई बार छोटो-बड़े वाहनों के बीच टक्कर होना आम बात हो गयी है. सड़क दुर्घटना में करीब आधा दर्जन लोगों की असमय मौत हो चुकी है तथा दर्जनों लोग अपाहिज हो गये हैं.
मालूम हो कि सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, वीरपुर, सिमराही, प्रतापगंज, अररिया, फारबिसगंज, सिल्लीगुड़ी सहित अन्य जगहों के लिए इस पथ से छोटे व बड़े वाहनों का दिन-रात परिचालन होता रहता है. तकरीबन सभी छोटे व बड़े वाहनों का ठहराव भपटियाही के समीप सड़क के किनारे होने के कारण हर समय एक बड़ी घटना घटित होने की आशंका बनी रहती है. जिसका एक महत्वपूर्ण कारण बस व टैंपू का पड़ाव का नहीं होना माना जाता है.
सबसे बड़ी बात है कि एनएचएआई द्वारा उक्त जगह पर दिशा सूचक बोर्ड नहीं लगाये जाने के कारण वाहन चालकों को भी काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है. जिससे दुर्घटना में वृद्धि होना स्वाभाविक है. गौरतलब है पूर्व में भपटियाही थाना परिसर में जिला पदाधिकारी, आरक्षी अधीक्षक, एनएचएआइ के आला अधिकारी सहित प्रखंड क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों, प्रबुद्ध व गणमान्य व्यक्तियों की बैठक आयोजित हुई थी. जिसमें एनएचएआई द्वारा पड़ाव व यात्रियों की सुविधा के लिये शौचालय निर्माण करने के दिशा में शीघ्र ही कदम उठाने की बात कही गयी थी. लेकिन आज तक इस दिशा में अभी तक कोई आवश्यक कदम नहीं उठाया गया है.
