सुपौल : विषपान से एक महिला की इलाज के दौरान शुक्रवार को सदर अस्पताल में मौत हो गयी. जिसके बाद चिकित्सकों द्वारा पुलिस अभिरक्षा में पोस्टमार्टम करा कर शव परिजन को सौंप दिया गया.
जानकारी अनुसार मधेपुरा जिला के सिहेंश्वर थाना क्षेत्र अंतर्गत बैहरी पंचायत के बुढावे गांव निवासी मनीष कुमार चौहान तथा उसकी पत्नी चांदनी देवी (22) के बीच गुरुवार की रात किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ. जिससे आक्रोशित चांदनी ने जहर खा लिया. इसके बाद मनीष द्वारा महिला का उपचार गांव के ही एक निजी क्लिनिक में कराया गया. जो किसी झोला छाप डॉक्टर का बताया जाता है. इस बाबत मनीष ने बताया कि जहर खाने की सूचना मिलने के बाद गांव के ही झोला छाप डॉक्टर अशोक कुमार के पास गये. डॉक्टर द्वारा 15 हजार रुपये का खर्च बताया गया और मरीज का पूर्ण उपचार का दावा किया गया. जिस पर उन्होंने हामी भर दी और डॉक्टर द्वारा इलाज भी शुरू कर दिया गया.
शुक्रवार को मृतका के मायके मधुबनी जिला स्थित आंध्रामठ थाना क्षेत्र के जूड़ेगा पंचायत स्थित बेलदारी गांव से परिजन आये तो महिला को दरभंगा ले जाने की बात कहने लगे. मनीष भी इस पर तैयार हो गया. लेकिन तबीयत खराब होने के बाद परिजनों द्वारा महिला को सदर अस्पताल लाया गया. लेकिन इलाज के क्रम में यहां उसकी मौत हो गयी. परिजनों द्वारा आशय की सूचना सदर थाना को दी गयी. जिसके बाद पहुंचे अनि हरेंद्र मिश्र ने मनीष तथा कुशेश्वर से घटना की जानकारी ली. वही फर्द बयान दर्ज करते हुए बताया कि मामला सिंहेश्वर थाना हस्तांतरित कर दिया जायेगा.
बाइक के लिए पति करता था मारपीट: मृतका के दादा कुशेश्वर राउत ने कहा कि मनीष चांदनी से अक्सर मारपीट करता था. बताया कि गत वर्ष 11 मार्च को अपनी पोती की शादी मनीष के साथ करवायी थी. तब उसे रुपये सहित गहना-जेबर भी उपहार स्वरूप दिया गया था. लेकिन शादी के बाद मनीष के परिजन चांदनी पर मायके से एक बाइक दिलाने का दबाव बनाने लगे. आरोप है कि बाइक के कारण ही चांदनी के साथ अक्सर मारपीट की जाती थी. जिससे तंग आ कर उसने जहर खा लिया.
