दूसरे दिन भी जारी रहा अनशन, बिगड़ी तबीयत

सुपौल : शिक्षकों के अंतर बकाया वेतन भुगतान सहित अन्य मामलों के लेकर शनिवार को समाहरणालय द्वारा पर आयोजित बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के सदस्यों द्वारा जारी अनिश्चित कालीन अनशन रविवार को दूसरे दिन भी जारी रहा. संघ के जिला सचिव पुष्पराज के नेतृत्व में आयोजित अनशन में शामिल जिला संयुक्त सचिव राजीव कुमार […]

सुपौल : शिक्षकों के अंतर बकाया वेतन भुगतान सहित अन्य मामलों के लेकर शनिवार को समाहरणालय द्वारा पर आयोजित बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के सदस्यों द्वारा जारी अनिश्चित कालीन अनशन रविवार को दूसरे दिन भी जारी रहा. संघ के जिला सचिव पुष्पराज के नेतृत्व में आयोजित अनशन में शामिल जिला संयुक्त सचिव राजीव कुमार झा व अरविंद कुमार ने कहा कि जब तक शिक्षकों की मांगे पूरी नहीं की जाती तब तक वे सभी अनशन पर डटे रहेंगे.

अनशन पर डटे सदस्यों ने बताया कि शिक्षकों की समस्या के समाधान को लेकर बीते 19 फरवरी को जिला पदाधिकारी द्वारा एक सप्ताह के भीतर बकाया अंतर राशि भुगतान से साथ स्थानीय समस्याओं के निष्पादन कराये जाने का आश्वासन दिया गया था. लेकिन पांच माह बीत जाने के बाद भी अब तक नतीजा सिफर रहा है. अनशनकारियों ने बताया कि शिक्षकों के वेतन भुगतान को लेकर जिला कार्यालय को राशि का आवंटन दिया जा चुका है.

लेकिन ईद पर्व जैसे मौके पर अब तक भुगतान नहीं कराया जा सका है. जो दुर्भाग्यपूर्ण है. अनशन के समर्थन में उतरे अमर सहनी ने बताया कि शिक्षकों की समस्याओं को लेकर संघ द्वारा दूसरे दिन भी अनशन जारी है. लेकिन अब तक किसी पदाधिकारियों द्वारा सुधि नहीं लिया गया है. जो निंदनीय है. कहा कि जिला प्रशासन द्वारा अनशन पर बैठे सदस्यों का स्वास्थ्य जांच भी नहीं करवाया है.

अनशन के दौरान किसी सदस्यों को किसी प्रकार का आघात पहुंचता है तो इसकी जिम्मेवारी जिला प्रशासन की होगी. मौके पर डॉ पंकज कुमार ने बताया कि शिक्षा विभाग में बिचौलिये प्रवृत्ति के कारण किसी प्रकार की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है. कहा कि विभाग बिचौलिये के माध्यम से अंतर बकाया राशि भुगतान करने की सूचना प्राप्त हो रही है. अनशन स्थल पर पहुंचे संघ के मधुबनी जिले के जिलाध्यक्ष संजीव कुमार कामत व सचिव मो मुर्तजा ने कहा कि बीते दो दिनों से समाहरणालय द्वार पर अंतर बकाया वेतन की राशि सहित अन्य जायज मांगों को लेकर स्थानीय इकाई के सदस्यों द्वारा अनशन किया जा रहा है.

बावजूद इसके स्थानीय विभाग द्वारा किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही है. उन्होंने कहा कि स्थानीय विभाग द्वारा शिक्षकों के जायज मांगों का निष्पादन नहीं किया जाता तो मधुबनी सहित संपूर्ण बिहार के शिक्षक सुपौल पहुंच कर इस आंदोलन में शिरकत करेंगे. जिसके लिए जबावदेह स्थानीय प्रशासन सहित विभागीय पदाधिकारी होंगे.
उन्होंने कहा कि जिला पदाधिकारी द्वारा फरवरी माह में दिये गये आश्वासन को स्थानीय विभाग द्वारा पूरा नहीं किया जाना. शिक्षा विभाग की मनमानी रवैया को उजागर करता है. उन्होंने जिला पदाधिकारी को इस मसले पर स्वयं हस्तक्षेप करने का आवश्यकता जताया. ताकि शिक्षकों को सम्मान बरकरार रह सके.

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