सीके अध्यक्ष, बीके बने सचिव आइएमए जिला इकाई की हुई बैठक
सुपौल : आइएमए जिला इकाई की बैठक रविवार की संध्या स्थानीय दक्षिण हटखोला रोड स्थित आरके पैलेस परिसर में डॉ जे लाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई. बैठक में सरकार द्वारा लागू किये गये नये क्लिनिकल इस्टेब्लिसमेंट एक्ट के संबंध में चर्चा की गयी. साथ ही एक्ट के संबंध में हुई प्रगति से भी सदस्यों […]
सुपौल : आइएमए जिला इकाई की बैठक रविवार की संध्या स्थानीय दक्षिण हटखोला रोड स्थित आरके पैलेस परिसर में डॉ जे लाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई. बैठक में सरकार द्वारा लागू किये गये नये क्लिनिकल इस्टेब्लिसमेंट एक्ट के संबंध में चर्चा की गयी. साथ ही एक्ट के संबंध में हुई प्रगति से भी सदस्यों को अवगत कराया गया.
बैठक के दौरान सभी चिकित्सकों ने एक स्वर में औषधि निरीक्षक द्वारा डॉ शिव मंगल सिंह के साथ किये गये दुर्व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की. साथ ही प्रशासन के प्रति एक निंदा प्रस्ताव भी पारित किया गया. अध्यक्ष डॉ लाल ने बताया कि इस संबंध में आइएमए के शिष्ठमंडल द्वारा सिविल सर्जन को एक ज्ञापन सौंपा जायेगा. जिसमें मांग की जायेगी कि अगर एक पखबाड़ा के अंदर उक्त औषधि निरीक्षक के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जाती है तो आईएमए उग्र आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेगा. जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों पर होगी.
बैठक के क्रम में आइएमए के पुनर्गठन हेतु नये सिरे से चुनाव कराया गया. जिसमें अध्यक्ष के रूप में डॉ सी के प्रसाद एवं सचिव डॉ बी के यादव चुने गये. जबकि उपाध्यक्ष डॉ राजा राम गुप्ता, संयुक्त सचिव डॉ शिव मंगल सिंह एवं कोषाध्यक्ष के पद पर डॉ शांति भूषण का चयन किया गया. वहीं संगठन के प्रशासनिक कमेटी में डॉ विजय कुमार अग्रवाल, डॉ विश्व रंजन दास, डॉ संजीव कुमार सिंह, डॉ बी के गुप्ता, डॉ बालमुकुंद लाल एवं डॉ अखिलेश कुमार शामिल किये गये. वहीं समन्वयक पद पर डॉ ओपी अमन एवं प्रवक्ता के रूप में डॉ शिवेंद्र दास का चयन किया गया. संगठन के संरक्षक डॉ एमएन मल्लिक, डॉ जे लाल व डॉ घनश्याम सिंह बनाये गये. राज्य काउंसिलर के रूप में डॉ सारिका कुमारी एवं केंद्रीय काउंसिलर के पद पर डॉ एएसपी सिंहा का चयन किया गया. इस अवसर पर डॉ कन्हैया सिंह, डॉ विपिन कुमार, डॉ दीपिका, डॉ अजीत कुमार श्रीवास्तव, डॉ विकास कुमार, डॉ महेंद्र चौधरी, डॉ हरिशंकर कुमार आदि मौजूद थे. बैठक को सफल बनाने में स्थानीय दवा प्रतिनिधियों ने सराहनीय योगदान दिया.