परेशानी. नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से कई गांव के दर्जनों घर कोसी नदी में विलीन
नदी के जल स्तर में बढ़ोतरी के बाद जारी कटाव के कारण प्रखंड क्षेत्र के कई गांवों में दर्जनों घर कोसी में विलीन हो चुके हैं. वहीं कई गांवों पर कटाव का खतरा लगातार मंडरा रहा है.
किसनपुर : नसून के प्रारंभ होते ही कोसी नदी के जल स्तर
में उतार चढ़ाव प्रारंभ हो गया है. साथ ही तटबंध के भीतर नदी के किनारे कटनियां की समस्या भी उत्पन्न हो गयी है. नदी के जल स्तर में बढ़ोतरी के बाद जारी कटाव के कारण प्रखंड क्षेत्र के कई गांवों में दर्जनों घर कोसी में विलीन हो चुके हैं. वहीं कई गांवों पर कटाव का खतरा लगातार मंडरा रहा है
जिसके कारण तटबंध के भीतर बसे बाढ़ पीडितों के समक्ष अनेक तरह की समस्याएं उत्पन्न हो रही है. जानकारी अनुसार प्रखंड क्षेत्र के बौराहा एवं परसामाधो पंचायत इन दिनों कटाव की चपेट में है. दोनों गांवों में बाढ का पानी प्रवेश कर गया है. वहीं नदी में अपनी विनाश लीला भी प्रारंभ कर दी है. गौरतलब है कि प्रखंड क्षेत्र के नौ पंचायत स्थित करीब दो दर्जन से अधिक गांव तटबंध के भीतर अवस्थित हैं. जिन्हें हर वर्ष मानसून काल के तीन महीनों में विशेष रुप से कोसी की विभिषिका झेलनी पड़ती है.
दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में
कोसी के जल स्तर में हुई वृद्धि के कारण अड़राहा, नौआ बाखर, बेंगा, खानपुर, सोनवर्षा, दिघिया, दुबियाही, बेगमगंज, बुढियाडीह, पकड़रिया, बुर्जा, सिसवा, पंचगछिया, मुरकुचिया, झखराही, मोमीनटोला, परसाहा, परसाही, ठाढ़ीधत्ता, पीरगंज आदि गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. जिसके कारण गांव के लोग ऊंचे स्थानों की तलाश में जुट गये हैं. ताकि पानी का स्तर बढ़ने के बाद गांव से विस्थापित होकर जान माल की सुरक्षा की जा सके.
बाढ़ की बजह से इन गांवों में खेतों में लगे फसल डूब चुके हैं. वहीं घरों में पानी घुस जाने के कारण अनाज, कपड़ा, उपस्कर आदि गीला हो चुका है. जिसके कारण लोगों को भोजन आदि की समस्या भी उत्पन्न हो गयी है. परसामाधो के मुखिया रंजय यादव एवं उनके भाई उपेंद्र यादव सहित दर्जनों लोगों का घर कटाव की चपेट में है.
