बढ़ रहे जलस्तर से दहशत

सोमवार से प्रखंड क्षेत्र में हो रही बारिश के कारण तटबंध की स्थिति दिन प्रतिदिन जर्जर होती जा रही है, वहीं नदी के बढ़ रहे जलस्तर से स्थानीय लोग भयाक्रांत हैं. नवहट्टा : पूर्वी कोसी तटबंध के 74 से 84 किलोमीटर के बीच रेनकट खतरनाक बनता जा रहा है. सोमवार से प्रखंड क्षेत्र में हो […]

सोमवार से प्रखंड क्षेत्र में हो रही बारिश के कारण तटबंध की स्थिति दिन प्रतिदिन जर्जर होती जा रही है, वहीं नदी के बढ़ रहे जलस्तर से स्थानीय लोग भयाक्रांत हैं.

नवहट्टा : पूर्वी कोसी तटबंध के 74 से 84 किलोमीटर के बीच रेनकट खतरनाक बनता जा रहा है. सोमवार से प्रखंड क्षेत्र में हो रही बारिश के कारण तटबंध की स्थिति दिन प्रतिदिन जर्जर होती जा रही है. वहीं नदी के बढ़ रहे जलस्तर से स्थानीय लोग भयाक्रांत हैं.

स्थानीय निवायी ज्योतिष ठाकुर बताते हैं कि मिट्टी के बदले बालू से बना तटबंध भला कैसे सुरक्षित रह सकता है. अभी तो मॉनसून के शुरुआती समय में विभाग तटबंध के किनारे से मिट्टी काट कर रेनकट भर देता है. वहीं यदि तेज बारिश हुई तो रेनकट में भरी गयी ताजी मिट्टी तो बहेगी ही, साथ ही तटबंध के किनारे से काटे गये मिट्टी के गड्ढे और खतरनाक हो सकते हैं.

जल संसाधन विभाग ने शून्य से 125 किलोमीटर तक वशिष्ठा कंपनी के द्वारा तटबंध के चौड़ीकरण व उंचीकरण का कार्य आधा अधूरा ही छोड़ दिया गया है. कंपनी के रसूख का ही असर है कि जल संसाधन विभाग के मंत्री व अधिकारी बाढ़ पूर्व तैयारी को लेकर तटबंध का निरीक्षण कर आये, लेकिन उनकी नजर तटबंध में बने रेनकट व अधूरे काम नहीं किये.

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