जिला मुख्यालय में विभिन्न बैंकों के दो दर्जन से अधिक एटीएम केंद्रों का संचालन बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के किया जा रहा है.
कौशल
सुपौल : एक तरफ जहां पूरे प्रदेश में बैंक और एटीएम केंद्रों को अपराधी अपना निशाना बना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जिला मुख्यालय में विभिन्न बैंकों के दो दर्जन से अधिक एटीएम केंद्रों का संचालन बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के किया जा रहा है. एटीएम केंद्रों पर गार्ड के नहीं रहने के कारण असुरक्षित माहौल में विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड धारक उपभोक्ता लाखों रुपये का लेन-देन भगवान भरोसे कर रहे हैं. वहीं गार्ड विहीन एटीएम केंद्रों की सुरक्षा भी सवाल बना हुआ है.
ज्ञात हो कि जिले में साइबर क्राइम की घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों का गिरोह वर्षों से सक्रिय है. अब तक दर्जनों उपभोक्ता एटीएम केंद्र के अंदर राशि निकासी के दौरान धोखे से एटीएम कार्ड बदलने की घटना का शिकार हो चुके हैं और तो और महज कुछ माह पूर्व अपराधियों द्वारा जिला मुख्यालय में एटीएम मशीन को काट कर राशि निकालने का असफल प्रयास किया गया, लेकिन बैंक प्रबंधन इन घटनाओं से कोई सबक लेने को तैयार नहीं है. साइबर क्राइम की घटना का शिकार बनने के बाद उपभोक्ता अपना माथा पीटते रहते हैं. आज तक जिले में एक भी साइबर क्राइम की घटना का उद्भेदन नहीं हो सका है. बैंक प्रबंधन भी ऐसी घटनाओं के बाद उपभोक्ता की नासमझी को ही दोष देते हैं, लेकिन एटीएम केंद्र पर गार्ड की तैनाती नहीं की जाती है. जिला मुख्यालय के कुछ एटीएम केंद्रों की पड़ताल की गयी तो खास कर भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम असुरक्षित माहौल में सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाता प्रतीत हुआ.
एटीएम केंद्र में गंदगी से उपभोक्ता परेशान : शहर के मल्लिक चौक स्थित भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम के अंदर लगा कचरे का अंबार एटीएम के प्रति बैंक प्रबंधन की उदासीनता को बयां कर रहा था. इस एटीएम केंद्र की साफ-सफाई महीनों से नहीं की गयी है. एटीएम मशीन से निकलने वाले बाइलेंस परची महीनों से जमा होते-होते अब कचरे का अंबार लग गया है. स्थानीय लोगों ने बताया कि बैंक द्वारा प्रतिनियुक्त एजेंसी के कर्मचारी अक्सर एटीएम में रुपया डालने आते हैं, लेकिन साफ-सफाई को लेकर उदासीन बने रहते हैं. एटीएम केंद्र के अंदर लगे गंदगी के अंबार को देख कर उपभोक्ता दूसरे एटीएम के तरफ निकल जाते हैं.
एटीएम को गैस कटर से काटा था
बैंक प्रबंधन की लापरवाही का खामियाजा बैंक के उपभोक्ता उठाने के लिए मजबूर हैं. जिले में साइबर क्राइम की दर्जनों घटनाएं घट चुकी हैं. कई मामलों में गार्ड विहीन एटीएम केंद्रों पर राशि निकासी के दौरान उपभोक्ताओं का एटीएम कार्ड गिरोह के अपराधियों ने धोखा देकर बदल लिया और बाद में उस कार्ड से लाखों रुपये की निकासी कर ली.
वहीं जिला मुख्यालय स्थित अतिथि गृह के सामने महज कुछ माह पूर्व एसबीआइ के एटीएम को टारगेट पर लेकर अपराधियों ने रात के अंधेरे में एटीएम को गैस कटर के काट कर राशि निकालने की कोशिश भी की थी. इन सब घटनाओं से सबक लेने के बजाय बैंक प्रबंधन उपभोक्ता नीति का खुल्लम खुला उल्लंघन करते हुए एटीएम पर गार्डों की तैनाती नहीं कर रही है.
जिला मुख्यालय के विभिन्न इलाकों में संचालित गार्ड विहीन एटीएम केंद्र अपराधियों को खुला निमंत्रण दे रहा है. सोमवार की रात शहर के दक्षिणी हटखोला रोड में एक होटल के नीचे स्थित एटीएम केंद्र का दरवाजा खुला हुआ था. एटीएम के आगे होटल में ठहरने वाले अतिथियों के वाहन खड़े थे. सुरक्षा के नाम पर यहां कुछ भी नहीं था. अगर अपराधी चाहे तो इस एटीएम को आसानी से अपना निशाना बना सकते हैं. कुछ यहीं स्थिति महावीर चौक स्थित एसबीआइ के मुख्य शाखा के गेट पर स्थित एटीएम केंद्र का था. रात के 11 बजे एटीएम केंद्र का गेट खुला हुआ था.यहां कोई गार्ड मौजूद नहीं था. बैंक प्रबंधन द्वारा यहां निकासी के साथ-साथ रुपये जमा करने का मशीन भी लगाया गया है.
एटीएम धारक उपभोक्ता अपने एटीएम की सुरक्षा स्वयं करें. बैंक ने एटीएम संचालन की जिम्मेदारी एनसीआर कंपनी को दिया है. एटीएम केंद्रों पर सुरक्षा के लिए गार्ड की तैनाती का कोई प्रोविजन नहीं हैं. साफ-सफाई के लिए संबंधित एजेंसी जिम्मेदार है.
विकास, मुख्य प्रबंधन एसबीआइ, सुपौल
बैंक व एटीएम की सुरक्षा पुलिस प्रशासन के लिए गंभीर विषय है. सभी बैंक के प्रबंधकों को एटीएम केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था बहाल करने का निर्देश पहले भी दिया जा चुका है. बैंकों व एटीएम की सुरक्षा की पुन: समीक्षा की जायेगी. लापरवाही बरतने वाले बैंक के अधिकारियों को पत्र भेज कर सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया जायेगा.
शैलेंद्र कुमार सिन्हा, प्रभारी एसपी, सुपौल
