परेशानी. बिना सूचना के दिन भर विद्युत आपूर्ति बाधित
24 घंटे विद्युत आपूर्ति के लिए सूबे में विख्यात सुपौल जिला मुख्यालय में विगत एक पखवाड़े से बिजली की आंख मिचौनी से इस भीषण गरमी में आम लोगों के बीच हाहाकार मचा हुआ है. विद्युत विभाग के ढुलमूल कार्यशैली का खामियाजा विद्युत उपभोक्ता उठा रहे हैं. सोमवार को बिना किसी पूर्व सूचना के दिन भर विद्युत आपूर्ति बाधित रहने से लोगों के बीच त्राहिमाम की स्थिति उत्पन्न हो गयी.
सुपौल : 24 घंटे विद्युत आपूर्ति के लिए सूबे में विख्यात सुपौल जिला मुख्यालय में विगत एक पखवाड़े से बिजली की आंख मिचौनी से इस भीषण गरमी में आम लोगों के बीच हाहाकार मचा हुआ है. विद्युत विभाग के ढुलमूल कार्यशैली का खामियाजा विद्युत उपभोक्ता उठा रहे हैं. सोमवार को बिना किसी पूर्व सूचना के दिन भर विद्युत आपूर्ति बाधित रहने से लोगों के बीच त्राहिमाम की स्थिति उत्पन्न हो गयी. विद्युत आपूर्ति बाधित रहने के कारण जिला मुख्यालय में जन जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया था. भीषण गरमी से परेशान शहर वासी आस पास के खुले स्थानों एवं पेड़ पौधे के नीचे शरण लिए हुए थे.
हर घर में मची थी भागमभाग
आधुनिक जीवन शैली के आदी हो चुके हमारे समाज के लिए सोमवार का दिन परेशानियों से भरा रहा. विद्युत आपूर्ति बाधित होने के बाद शहर के विभिन्न टोले मुहल्ले के लोग सोमवार के दोपहर ठंडी हवा व सुकून भरी छांव के तलाश में भटकते रहे. लेकिन घर से लेकर बाहर तक कहीं भी उनकी परेशानी का समाधान नजर नहीं आया.
विद्युत आपूर्ति बाधित होने के कारण शहर के लगभग सभी घरों के पंखों की रफ्तार थम गयी थी. उमस भरी गरमी से बेहाल लोगों का बुरा हाल था. कूलर के शौकीनों की स्थिति का अनुमान लगाना मुश्किल था. कई घरों में टंकी का पानी खत्म होने के बाद पेयजल की समस्या बनी हुई थी. संध्या छह बजे के बाद पूरबा हवा के थपेरे ने आमजनों की परेशानी को थोड़ा सा कम किया. लेकिन संध्या के समय रोशनी के अभाव में बच्चों का पठन -पाठन बाधित रहा.
50 लाख का व्यवसाय हुआ प्रभावित
विद्युत आपूर्ति बाधित रहने के कारण सोमवार को जिला मुख्यालय में करीब 50 लाख रुपये का व्यवसाय प्रभावित हुआ. बिना किसी पूर्व सूचना के विद्युत आपूर्ति बाधित किये जाने के कारण दोपहर बाद बाजार की चहल पहल खत्म हो गयी थी. सोमवार को साप्ताहिक हाट रहने के बावजूद शहर के कई महत्वपूर्ण व्यवसायिक प्रतिष्ठान शांत पड़े हुए थे. खास कर फोटो स्टेट, लेमिनेशन, साइबर कैफे, अल्ट्रा साउंड,
फिजियोथेरेपी जैसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों में उपभोक्ता परेशान नजर आ रहे थे. वहीं विद्युत आपूर्ति बाधित रहने के कारण जिला मुख्यालय के छोटे बड़े उद्योगों को भी नुकसान उठाना पडा. खास कर बर्फ फैक्ट्री, मसाला, आटा चक्की, लाउंड्री, पापड़ उद्योग, थर्मोकॉट पतरी उद्योग, प्लाई मिल आदि कारखानाओं में उत्पादन बिल्कुल ठप रहा. शहर के कई व्यवसायियों ने आक्रोशित स्वर में कहा कि विद्युत आपूर्ति बाधित किये जाने से पूर्व विभाग द्वारा सूचना दिया जाता था. जिसके बाद व्यवसायी वैकल्पिक साधनों का इंतजाम कर व्यवसाय को संचालित करते हैं. लेकिन इस बार विद्युत विभाग द्वारा किसी प्रकार की पूर्व सूचना नहीं दी गयी जो व्यवसायियों के साथ क्रूर मजाक है.
कहते हैं सहायक अभियंता
इस बाबत पूछने पर सहायक अभियंता मदन कुमार ने बताया कि पावर ग्रिड में तकनीकी खराबी आ जाने के कारण शहर में विद्युत आपूर्ति बाधित हुई. देर संध्या तक गड़बड़ी को दूर कर शहर में विद्युत बहाल कर दिया जायेगा.
