पहल. पदािधकारी ने दिया उचित कार्रवाई का आश्वासन
गौरतलब हो कि शनिवार को इलाज के लिए अस्पताल आये कार्यकर्ताओं ने चिकित्सक पर इलाज करने में कोताही बरतने का आरोप लगाते हुए सिविल सर्जन से शिकायत करनी चाही थी, लेकिन सिविल सर्जन ने उन्हें समय नहीं दिया था.
सुपौल : छात्र राजद कार्यकर्ताओं द्वारा विभिन्न मांगों व अस्पताल प्रशासन के द्वारा किये गये दुर्व्यवहार के विरोध में जारी धरना रविवार को विभागीय अधिकारी व प्रशासन द्वारा दिये गये आश्वासन के बाद समाप्त हुआ. गौरतलब है कि शनिवार को इलाज के लिये अस्पताल आये कार्यकर्ताओं ने चिकित्सक द्वारा इलाज करने में कोताही बरतने का आरोप लगाते हुए स्थानीय सिविल सर्जन से शिकायत करना चाहा था. लेकिन सिविल सर्जन ने उन्हें समय नहीं दिया. दुर्व्यवहार से आक्रोशित छात्रों ने तत्काल निर्णय लेकर अस्पताल परिसर में धरना पर बैठ गये.
रविवार की सुबह समाचार पत्रों में इस बाबत खबर छपने के बाद प्रशासन ने उनकी सुधी ली, लेकिन धरना पर बैठे छात्र राजद कार्यकर्ता अपनी मांगों पर अड़े थे. धरना का नेतृत्व कर रहे संगठन के प्रदेश महासचिव विकास विमल ने बताया कि उनकी पांच सूत्री मांगें हैं. जिनमें अस्पताल में आपातकालीन सेवा में चौबीसों घंटे चिकित्सक की उपस्थिति, दिन व रात एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड व लैब जांच की सुविधा, आपातकालीन रोगियों को जरूरी दवा हर संभव उपलब्ध कराना, रोगियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना, आउटसोर्सिंग संवेदक द्वारा सरकार के तय मानकों के आधार पर रोगियों को खान-पान व परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने आदि शामिल है. अस्पताल प्रशासन द्वारा लिखित रूप से आश्वासन देने के बाद कार्यकर्ताओं द्वारा धरना प्रदर्शन समाप्त किया गया. इस दौरान कार्यकर्ताओं की ओर से प्रदेश महासचिव श्री विमल ने जिला पदाधिकारी को एक लिखित ज्ञापन भी दिया है. वहीं अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ एनके चौधरी ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एक सप्ताह के अंदर कार्रवाई का आश्वासन दिया है. मौके पर थानाध्यक्ष राम इकबाल यादव द्वारा भी पहल की गयी. इस अवसर पर अभिनंदन कुमार, रवींद्र यादव, रमेश कुमार यादव, त्रिभुवन कुमार यादव, राहुल साह, कृष्ण कुमार, रंधीर कुमार, राजेश, अजय, नरेश सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे.
