जाम से नहीं मिल रही है निजात

विभागीय उदासीनता . एनएच 57 की अतिक्रमित भूमि को नहीं कराया जा सका है मुक्त प्रशासन द्वारा अब तक राघोपुर थाना क्षेत्र के सिमराही बाजार स्थित एनएच 57 की अतिक्रमित भूमि को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया जा सका. इससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सिमराही : लाख कोशिश के […]

विभागीय उदासीनता . एनएच 57 की अतिक्रमित भूमि को नहीं कराया जा सका है मुक्त

प्रशासन द्वारा अब तक राघोपुर थाना क्षेत्र के सिमराही बाजार स्थित एनएच 57 की अतिक्रमित भूमि को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया जा सका. इससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
सिमराही : लाख कोशिश के बाद भी राघोपुर थाना क्षेत्र के सिमराही बाजार स्थित एनएच 57 की अतिक्रमित भूमि को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया जा सका. सड़क की भूमि को अतिक्रमित कर लिये जाने व चालकों द्वारा सड़क पर वाहनों को खड़ी कर यात्रियों को चढ़ाने व उतारने का कार्य किये जाने से अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है. साथ ही हर वक्त बड़ी दुर्घटना घटित होने की समस्या बनी रहती है. मालूम हो कि बीते माह एक के बाद एक हुई सड़क दुर्घटना
में उक्त पथ पर आधा दर्जन लोगों ने जाने गंवा चुकी है. दुर्घटना के उपरांत आक्रोशित लोग सड़क जाम व प्रदर्शन भी किया. बावजूद इसके स्थानीय लोगों को इस समस्या से निजात दिलाये जाने की दिशा में किसी प्रकार का फलाफल नहीं मिला.
निर्देश के बावजूद कार्रवाई की दिशा में नहीं हो रहा पहल :
गौरतलब हो कि इस समस्या से निजात पाने की दिशा में बीते दिनों स्थानीय लोग व जनप्रतिनिधियों ने एनएच जाम कर फॉर लेन इस पथ से अतिक्रमण हटाने, फुटओवर ब्रिज का निर्माण कराने, स्थायी बस स्टैंड आदि जैसे समस्या को लेकर प्रदर्शन भी किया था. समस्या के समाधान के बाबत डीएम बैद्यनाथ यादव, एसपी कुमार एकले की संयुक्त अध्यक्षता में बैठक बुलायी गयी थी.
राघोपुर थाना परिसर में आयोजित बैठक में जिले के तमाम पदाधिकारी, एनएचएआइ के अधिकारी व स्थानीय जन प्रतिनिधियों द्वारा विचार-विमर्श किया गया. इस दौरान डीएम व एसपी के द्वारा मुख्य रूप से सड़क पर हो रही दुर्घटना के कारण, एनएच के जमीन को अतिक्रमित कर अतिक्रमणकारियों का साम्राज्य होना, एनएच 57 व 106 के क्रॉसिंग स्थल पर फ्लाइ ओवर पुल का न होना, पैदल पार करने वाले लोगों को एनएच पार करने के लिए फुटओवर ब्रिज जैसे कई कारण उभर कर सामने आया.
जिसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने एनएचएआइ के अधिकारिओं से बात कर तत्काल एनएच को अतिक्रमण से मुक्त कराने का आदेश देते हुए दो महीने के भीतर फुट ओवर ब्रिज का निर्माण कराने का आदेश दिया. साथ ही सीओ राघोपुर को एक सप्ताह के अंदर बस पड़ाव के लिए जमीन उपलब्ध कराने का आदेश भी दिया था, लेकिन एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी चर्चा किये गये बिंदुओं पर संबंधितों द्वारा पहल नहीं किया गया है. इस कारण स्थानीय लोगों का प्रशासन के ऊपर से विश्वास उठता जा रहा है.
कहते हैं स्थानीय लोग
स्थानीय बिंदी प्रसाद गुप्ता, राजद प्रखंड अध्यक्ष प्रकाश यादव, सामाजिक कार्यकर्ता मो नूर आलम सहित दर्जनों लोगों ने बताया कि इस पथ पर जब भी दुर्घटना घटित होती है. साथ ही लोग असमय काल कलवित होते हैं. उस समय प्रशासन के खिलाफ लोगों द्वारा प्रदर्शन करने पर पदाधिकारी आम लोगों शांत करने के लिए झूठे आश्वासन देते हैं. भोली भाली जनता पदाधिकारियों के बातों में आकर जाम व प्रदर्शन खत्म तो कर देते है. पर परिणाम ढाक के तीन पात ही साबित होता है.

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