निर्माण कार्य पर लगा ग्रहण

अनदेखी. 2014-15 में भवन निर्माण के लिए हुआ था राशि आवंटन विभाग में कर्मियों को पदस्थापित कर ससमय कार्यों को निष्पादित कराने की जिम्मेवारी भी सौंपी गयी है, लेकिन राशि उपलब्ध कराये जाने के बाद भी भवन निर्माण कार्यों पर विभागीय उदासीनता की झलक स्पष्ट तरीके से दिख रही है. कुछ ऐसा ही हाल बना […]

अनदेखी. 2014-15 में भवन निर्माण के लिए हुआ था राशि आवंटन

विभाग में कर्मियों को पदस्थापित कर ससमय कार्यों को निष्पादित कराने की जिम्मेवारी भी सौंपी गयी है, लेकिन राशि उपलब्ध कराये जाने के बाद भी भवन निर्माण कार्यों पर विभागीय उदासीनता की झलक स्पष्ट तरीके से दिख रही है. कुछ ऐसा ही हाल बना हुआ है जिले के किसनपुर प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय महीपट्टी पर में अर्ध निर्मित विद्यालय भवन का.
सुपौल : व्यवस्था में अपेक्षित सुधार हो इसे लेकर सरकार द्वारा अलग-अलग विभाग बनाया गया. साथ ही विभाग में कर्मियों को पदस्थापित कर ससमय कार्यों को निष्पादित कराने की जिम्मेवारी भी सौंपी गयी है, लेकिन राशि उपलब्ध कराये जाने के बाद भी भवन निर्माण कार्यों पर विभागीय उदासीनता की झलक स्पष्ट तरीके से दिख रही है. कुछ ऐसा ही हाल बना हुआ है जिले के किसनपुर प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय महीपट्टी पर में अर्ध निर्मित विद्यालय भवन का.
आलम यह है कि इस विद्यालय में नामांकित बच्चों की संख्या को देखते हुए विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2014-15 में वर्ग कक्ष बनाये जाने को लेकर भवन निर्माण के लिए राशि का आवंटन किया गया, लेकिन वीएसएस की मनमरजी के कारण भवन निर्माण का कार्य अधर में लटका पड़ा है. एक वर्ष बाद भी भवन निर्माण कार्य पूर्ण नहीं कराये जाने से बच्चों के पठन पाठन में प्रतिकूल असर पड़ रहा है.
लाखों की राशि से बनना था विद्यालय भवन : गौरतलब हो कि विभाग द्वारा एक प्लस एक कमरे के निर्माण कार्य पूर्ण कराये जाने को लेकर दस लाख से अधिक की राशि का आवंटन दिया गया. उक्त विद्यालय प्रबंधन के खाते में राशि आवंटित किये जाने के बाद विद्यालय शिक्षा समिति की निगाहें जम गयी, जहां विद्यालय शिक्षा समिति द्वारा विद्यालय प्रबंधन पर दबाव बनाया जाने लगा कि विद्यालय भवन निर्माण का कार्य समिति के सहयोग से नहीं बल्कि समिति द्वारा ही कराया जायेगा. इस दौरान वीएसएस की बैठके भी बुलायी गयी,
जहां सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि भवन निर्माण का कार्य वीएसएस के हाथों कराया जायेगा. इसके बाद भवन निर्माण कार्य कराने की जिम्मेवारी विद्यालय शिक्षा समिति के सचिव पति ने ली और भवन निर्माण कार्य का शुभारंभ किया, लेकिन राशि आवंटन के बावजूद एक वर्ष बीत जाने के बाद भी भवन निर्माण कार्य पूर्ण नहीं कराया जा सका है. इस कारण छात्रों को पठन – पाठन कार्य में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
कई माह से नहीं हो रही वीएसएस की बैठक
स्थानीय लोगों ने बताया कि विद्यालय प्रधान प्रमोद कुमार द्वारा वीएसएस सदस्यों की बैठक समय- समय पर बुलायी जाती रही है, लेकिन वीएसएस सचिव पति रामचंद्र यादव द्वारा जबसे भवन निर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया है. उक्त समय से सचिव सहित कई सदस्य बैठक से अनुपस्थित रह रहे हैं. लोगों ने यह भी बताया कि सचिव के बैठक में नहीं आने से जहां विद्यालय भवन निर्माण कार्य की समीक्षा नहीं हो पा रहा है.
वहीं विद्यालय में संचालित एमडीएम व्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर देखा जा रहा है. अप्रैल माह बीत चुका है, लेकिन सचिव की मनमानी के कारण एमडीएम मद का भुगतान नहीं हो पाया है. कई अभिभावकों ने कहा कि विद्यालय भवन निर्माण कार्य पूर्ण नहीं कराये जाने से जहां छात्रों को परेशानी हो रही है. वहीं विद्यालय परिसर में भवन निर्माण सामग्री रखे जाने से बच्चों को खेलने- कूदने व आवाजाही में कठिनाइयों का सामना हो रहा है. बावजूद इसके विभाग द्वारा किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही है.
कहते हैं बीइओ
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी रामचंद्र यादव ने बताया कि दस दिन पूर्व उक्त विद्यालय का निरीक्षण किये थे. विद्यालय की समस्या से समुचित प्रतिवेदन जिला कार्यालय को समर्पित करेंगे

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