इनसान को दर्शन समझने की है आवश्यकता
सुपौल : भक्ति आंदोलन के दरम्यान श्रम की प्रतिष्ठा सबसे ज्यादा बढ़ी थी. जिस इनसान में सत्य ,अहिंसा, करुणा, दया, प्यार व मोहब्बत में से कोई एक भी गुण नहीं हैं, तो उसे नैतिकता के आधार पर धार्मिक कहलाने का कोई हक नहीं हैं. आज इनसान को दर्शन को समझने की आवश्कता है. साथ ही […]
सुपौल : भक्ति आंदोलन के दरम्यान श्रम की प्रतिष्ठा सबसे ज्यादा बढ़ी थी. जिस इनसान में सत्य ,अहिंसा, करुणा, दया, प्यार व मोहब्बत में से कोई एक भी गुण नहीं हैं, तो उसे नैतिकता के आधार पर धार्मिक कहलाने का कोई हक नहीं हैं. आज इनसान को दर्शन को समझने की आवश्कता है. साथ ही धार्मिक संदेश को अपने अंदर पिरोने की दरकार है. कर्म से ही भाग्य का निर्माण होता है. भाग्य से कर्म नहीं बनता. इनसान अपना भाग्य स्वयं बना सकता है.
उक्त बातें लोहिया यूथ ब्रिगेड के प्रदेश संयोजक डाॅ अमन कुमार के अध्यक्षता में चौघारा में आयोजित कोसी प्रमंडलीय भगैत महासम्मेलन सह विष्णु यज्ञ का विधिवत उद्घाटन करते भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री देवेन्द्र प्रसाद यादव ने कही
श्री यादव ने कहा कि पहले रोटी उसके बाद धर्म. हजारों वर्षों से कहावत चरितार्थ हो रही है कि मन चंगा तो कठौती में गंगा. कहा कि मन किसका चंगा हो सकता है. गरीब, किसान, दबे कुचले और मजदूर का.
लेकिन जब तक पेट चंगा नहीं होगा, तब तक मन चंगा नहीं हो सकता है. विश्व विजेता सिकंदर महान भी यहां से खाली हाथ चले गए. फिर भी लोग झूठ, चोरी, नशा, हिंसा, व्यभिचार का सहारा लेकर अकूत संपत्ति जमा करने को लेकर उगाही का कार्य करते हैं. उद्घाटन समारोह को पूर्व विधायक उदय प्रकाश गोईत, दीनबंधु यादव, रामकुमार यादव ने भी संबोधित किया.
तमाम अथितियों को चौघारा निवासी भागलपुर जिला के जगदीशपुर प्रखंड में पदस्थापित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी शिवचंद्र यादव के द्वारा शाल भेंट कर स्वागत किया गया.
यज्ञ के शुभारंभ पर निकली कलश यात्रा : महासम्मेलन सह विष्णु यज्ञ के शुभारंभ पर 351 बालिका सहित सैकड़ों ग्रामीणों द्वारा विशाल कलश यात्रा निकाली गयी. कलश यात्रा को चौघारा, लक्ष्मिनिया, कौशलिपट्टी, भेलवा सहित अन्य गांवों का भ्रमण कराया गया. कार्यक्रम में वार्षिक सभापति घिनाय यादव, संत जयनारायण यादव,
भुवनेश्वर यादव , रघुनन्दन यादव, गजेन्द्र यादव, मालाधारी बाबूजी यादव, शम्भू यादव, श्यामकिशोर यादव, योगेन्द्र यादव, सुभाष यादव ,प्रीतम कुमार चौधरी, नरेश राम, छोटेलाल मेहता, राजकिशोर मेहता, सुखसेन यादव, विद्यानंद शर्मा, खट्टर शर्मा, देवनंदन कामत, भगवान दत्त यादव, ललित यादव, पवन साह, सुफल यादव, फुलेंद्र यादव, नरेश यादव आदि उपस्थित थे.