सुपौल : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सूबे में पूर्ण रूप से देशी व विदेशी शराब बंदी की घोषणा के बाद शराब के शौकीन लोगों मायूसी छा गयी. जिन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी. वे अप्रैल माह में सरकार द्वारा खोले गये शराब की दुकान का चक्कर लगाते देखे गये. हालांकि सरकार की घोषणा के तत्काल बाद ही अधिकांश लोगों को उक्त जानकारी प्राप्त हो गयी थी. घोषणा के बाद उत्पाद विभाग के अधिकारियों द्वारा जिला मुख्यालय में
स्वतंत्र वीयर बार समेत तीन सरकारी अंगरेजी शराब की दुकानों को सील कर दिया गया. शराबबंदी से सबसे अधिक आहत पंचायत चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के समर्थक हुए हैं. जिन्हें उम्मीद थी कि चुनाव के दौरान एकाध महीने तक छक कर प्रत्याशी के खर्च पर मदिरा पान करेंगे. हालांकि सूत्रों की माने तो देहाती इलाके में अभी भी कई महीनों के लिए स्टॉक कर भारी मात्रा में शराब रखे जाने की सूचना है.
