लापरवाही. प्रबंधन के कोपभाजन का शिकार हुआ केंद्रीय भंडारण निगम

सड़क पर रहती हैं लोडेड गाड़ियां केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित िवभाग के अिधकारी नियम को ताक पर रख कर काम करते है. इसका खामियाजा लोगों को भुगतान पड़ता है. सुपौल : सरकार की सभी नीति व योजनाओं को समुचित रूप से क्रियान्वित किये जाने को लेकर केंद्र व राज्य की सरकारें द्वारा अलग-अलग […]

सड़क पर रहती हैं लोडेड गाड़ियां

केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित िवभाग के अिधकारी नियम को ताक पर रख कर काम करते है. इसका खामियाजा लोगों को भुगतान पड़ता है.
सुपौल : सरकार की सभी नीति व योजनाओं को समुचित रूप से क्रियान्वित किये जाने को लेकर केंद्र व राज्य की सरकारें द्वारा अलग-अलग विभाग संचालित किया गया है. ताकि स्थानीय स्तर पर लोगों को ससमय समुचित व्यवस्था मुहैया करायी जा सके, लेकिन विभागीय अधिकारियों नियम को ताक रख कार्य को अंजाम दिया जाता है.
इसका खामियाजा वाहन चालक सहित अन्य को भुगतना ही पड़ेगा. गौरतलब हो कि मुख्यालय स्थित पिपरा सुपौल एसएच 76 पथ पर संचालित केंद्रीय भंडारण निगम विभाग का कार्यालय व गोदाम संचालित है, लेकिन प्रबंधन की उदासीनता के कारण जहां कार्यालय की स्थिति बदतर बना है. वहीं उक्त पथ पर चावल की बोरी से लोड दर्जनों वाहनों के लगे रहने से वाहन चालकों व आवाजाही करने वाले लोगों को परेशानी हो रही है, जबकि वाहन के खाद्य सामग्री लोडेड वाहनों के खड़ी रहने से सड़क को भी क्षति पहुंच रही है. वहीं आवाजाही करने वाले वाहन चालकों को हर समय एक बड़ा हादसा घटित होने का भय भी लगा रहता है.
प्रबंधक के मरजी पर चलता है कार्यालय: स्थानीय केंद्रीय भंडारण निगम कार्यालय में एक प्रबंधक, एक बेयर हाउस असिस्टेंट ग्रेड- 1 समेत एक विभागीय चौकीदार, एक निजी सिक्यूरिटी गार्ड तथा एक सिविलियन गार्ड कार्यरत है, लेकिन उक्त कार्यालय का संचालन विभागीय नियम को ताक रख प्रबंधन की मरजी पर संचालित हो रहा है. जानकारों की माने तो कार्यालय कर्मियों को अपने दफ्तर पहुंचने के साथ ही पहले उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर किया जाना अनिवार्य होता है, लेकिन स्थानीय केंद्रीय भंडारण निगम कार्यालय में पदस्थापित सीडब्लूसी प्रबंधक श्याम बिहारी चौबे ने इस माह के प्रारंभ से ही पंजी पर अपना उपस्थिति दर्ज नहीं किया गया है.
यहां तक कि प्रबंधक के लापरवाही का फायदा सीडीआर- 1 पद पर पदस्थापित विष्णुदेव पासवान भी उठा रहे हैं. श्री पासवान बीते 10 फरवरी से ही उपस्थिति पंजी पर अपना हस्ताक्षर दर्ज नहीं किया है. साथ ही इस कार्यालय में डब्लू ए – 1 पद पर पदस्थापित एस के ठाकुर द्वारा चार अप्रैल तक की हाजिरी लगायी गयी है, जबकि श्री ठाकुर ने पांच से 14 अप्रैल तक के छुट्टी का आवेदन भी लगाया है. जिसकी स्वीकृति प्रबंधक द्वारा नहीं दिया गया था. विभागीय लचर व्यवस्था के कारण केंद्रीय भंडारण निगम की व्यवस्था पूर्ण रूप से प्रभावित है.
कुव्यवस्था के लिए कौन है जिम्मेवार: केंद्रीय भंडारण निगम का दायित्व बड़ा है. सीडब्लूसी द्वारा जिले भर में खाद्यान्न मुहैया कराया जाता है, जिसे लेकर उक्त कार्यालय तक खाद्यान्न पहुंचाने को लेकर कई दर्जन वाहन का आवागमन बना रहता है. ऐसे में विभाग द्वारा समुचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं रखे जाने के कारण वाहन चालकों को अपनी बाड़ी आने का इंतजार करना पड़ता है. वाहन चालकों ने बताया कि वे कई बार वाहनों से खाद्यान्न जिला स्थित केंद्रीय भंडारण पहुंचाते रहे हैं,
लेकिन निगम के प्रबंधन द्वारा समुचित व्यवस्था नहीं कराये जाने से उन लोगों को तीन चार दिनों तक एसएच 76 पथ में वाहन खड़ी करने की विवशता होती है. चालकों ने बताया कि हम लोगों को आसमान के नीचे दिन व रात गुजारने को विवश होना पड़ रहा है. गोदाम से बाजार खाना खाने जाने के लिए तीन चार किलोमीटर की दूरी नापनी पड़ती है.
कहते हैं प्रबंधक: मामले के बाबत प्रबंधक श्याम बिहारी चौबे ने कहा कि कार्य की अधिकता रहने के कारण इस तरह की समस्या उत्पन्न हो रही है. इस समस्या से जल्द ही निजात मिल जायेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >