धर्म को जीवन में उतार कर होगी भगवत प्राप्ति: महात्मा

सुपौल : गवान धर्मराज ही देव लोक के न्यायाधीश हैं. हम अपने जीवन में जो भी अच्छा या बुरा करते हैं, इसका लेखा-जोखा इनके पास जाता है़ जिसका हिसाब चित्रगुप्त महाराज जी के द्वारा किया जाता है़ कठोपनिषद धर्मग्रंथ में इसकी विस्तार से चर्चा की गयी है़ यह बात संत विशेश्वर यादव उर्फ महात्मा जी […]

सुपौल : गवान धर्मराज ही देव लोक के न्यायाधीश हैं. हम अपने जीवन में जो भी अच्छा या बुरा करते हैं, इसका लेखा-जोखा इनके पास जाता है़ जिसका हिसाब चित्रगुप्त महाराज जी के द्वारा किया जाता है़ कठोपनिषद धर्मग्रंथ में इसकी विस्तार से चर्चा की गयी है़ यह बात संत विशेश्वर यादव उर्फ महात्मा जी ने रविवार को सदर प्रखंड अंतर्गत मुंगरार गांव में आयोजित भगैत महासम्मेलन को संबोधित करते हुए कही़ उन्होंने कहा कि सिर्फ यज्ञ में शामिल होने व भगैत गाने से कोई भी धर्मराज का सच्चा भक्त नही बन जाता़ इसके लिए धर्म को जीवन में उतारने एवं उसके आचरण पर चलने की आवश्यकता है़

कहा कि धर्म के रास्ते पर चलने एवं दूसरों को कष्ट नही पहुंचा कर ही धर्मराज की प्राप्ति का रास्ता सुगम किया जा सकता है़ बताया कि कई लोगों को वास्तविक जीवन में धर्म के आचरण से कोई सरोकार नही होता उनके लिये ही ये यमराज का रूप धारण कर उन्हें दंडित करते है़ यज्ञ के दूसरे दिन यज्ञ स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी जिसमें महिलाओं की अहम भागीदारी थी़ मौके पर कार्यक्रम का संचालन धर्म सभा के अशोक मानव जी के द्वारा किया गया़

वार्षिक सेमिनार का आयोजन

निर्मली : क्षा के प्रति जागरुकता लाने के उद्देश्य से नगर पंचायत के वार्ड नंबर आठ स्थित हंसवाहिनी विद्यासागर माध्यमिक विद्यालय में रविवार को वार्षिक सेमिनार का आयोजन किया गया. सेमिनार को संबोधित करते हुए हरि प्रसाद साह महाविद्यालय के प्राचार्य सह मुख्य अतिथि डॉ विमल कुमार राय ने कहा कि बच्चों की शैक्षणिक व बौद्धिक क्षमता का विकास करने में विद्यालय की अहम भूमिका होती है.

शिक्षा ही एकमात्र माध्यम है जिससे एक शिक्षित व समृद्ध समाज का विकास हो सकता है. सेमिनार में विद्यालय के व्यवस्थापक रामप्रकाश साहु ने शिक्षा व शिक्षण के मुद्दे पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रत्येक मनुष्य के जीवन में शिक्षा की अहम भूमिका होती है. कहा कि एक शिक्षित इंसान एक अच्छे समाज व देश का निर्माण में अपनी भूमिका अदा कर सकता है. जिसके लिये गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अति आवश्यक है.

उन्होंने कहा कि हमारा पूर्ण प्रयास है कि सदैव की भांति आगे भी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण षिक्षा उपलब्ध करा सकें. वहीं विद्यालय के बच्चों द्वारा राष्ट्रीय गान, देश भक्ति गीतों सहित अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से सेमिनार का समापन किया गया. रामजी प्रसाद मंडल, जीवनेश्वर साह, बिरेन्द्र प्रसाद साह व समाजसेवी हीरा चौधरी ने भी सेमीनार को संबोधित किया. मौके पर रामसेवक साह, पवन कुमार पंकज, अशोक साह, संजय कुमार साह, सहित अभिभावकगण उपस्थित थे.

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