सांसद को सौंपे गये पत्र में व्यवसायियों ने कहा है कि रेलवे स्टेशन के करीब उत्तरी व दक्षिणी हटखोला रोड में लगभग दौ सौ से अधिक छोटे-मोटे दुकानदार विगत 50 से अधिक वर्षों से रेल की जमीन में चाय-पान, नाश्ता, किराना, लकड़ी, हार्डवेयर आदि की दुकानें चला रहें है़ जिससे उनकी रोजी-रोटी चलती है़
सुपौल : सुपौल रेलवे स्वावलंबी सहकारी समिति के सदस्यों ने क्षेत्रीय सांसद रंजीत रंजन से मिल कर हटखोला रोड मे रेलवे की जमीन में बसे व्यवसायियों को हटाने हेतु रेल विभाग द्वारा जारी नोटिस को स्थगित करवाने की मांग की है़ इस बाबत सांसद को सौंपे गये पत्र में व्यवसायियों ने कहा है कि रेलवे स्टेशन के करीब उत्तरी व दक्षिणी हटखोला रोड में लगभग दौ सौ से अधिक छोटे-मोटे दुकानदार विगत 50 से अधिक वर्षों से रेल की जमीन में चाय-पान, नाश्ता, किराना, लकड़ी, हार्डवेयर आदि की दुकानें चला रहें है़
जिससे उनकी रोजी-रोटी चलती है़ पूर्व में नगर परिषद द्वारा इन दुकानों की बंदोवस्ती भी की गयी थी़ वर्ष 1998 में जब रेल विभाग द्वारा दुकानदारों को जमीन खाली करने की नोटिस दी गयी. तब ज्ञात हुआ कि यह जमीन नगर परिषद के अधिकार क्षेत्र में नहीं है़ व्यवसायियों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया इसके बाद नगर परिषद को रेलवे की जमीन बंदोबस्ती नही करने का आदेश दिया गया़
पूर्व में डीआरएम से लगायी थी गुहार
व्यवसायियों ने पूर्व में कई बार डीआरएम व रेलवे के उच्च पदाधिकारियों को आवेदन देकर जमीन बंदोबस्ती करने की गुहार लगायी़ मामला समस्तीपुर रेलवे कार्यालय में लंबित पड़ा है़ व्यवसायियों ने सहरसा-फारबिसगंज रेल खंड मे हो रहे अमान परिवर्तन की चर्चा करते हुए पूर्ण सहयोग करने का वादा किया है़ कहा है कि रेलवे के पास अमान परिवर्तन हेतु पर्याप्त जमीन उपलब्ध है़
गरीबों को उजाड़ने का किया जा रहा है प्रयास : छोटे-मोटे गरीब दुकानदारों को उजाड़ने का प्रयास किया जा रहा है़, जबकि दुकानदार बंदोबस्त प्राप्त कर उचित किराया देने को तैयार है़ व्यवसायियों ने सांसद से मामले के समाधान हेतु पहल करने की मांग की है़ ताकि उनकी रोजीरोटी पर समस्या उत्पन्न हो न हो. उन लोगों ने कहा िक अगर उन्हें उजाड़ दिया जायेगा तो वे अपने परिवार का भरण पोषण कैंसे करेंगे.
