फोटो-01कैप्सन-फाइल फोटो रंजीत रंजनप्रतिनिधि, सुपौलकेंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की करारी हार हुई. अगर यही आलम रहा तो चंद वर्षों में पूरे देश से भाजपा का सुपड़ा साफ हो जायेगा. यह बातें सांसद रंजीत रंजन ने भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को लेकर संसद में हुई बहस के दौरान कहीं. श्रीमती रंजन ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण अध्यादेश का कड़ा विरोध करते इसे किसान विरोधी बताया. मोदी सरकार किसानों की लाशों को लांघ कर पूंजी पतियों को लाभ पहुंचाना चाहती है. उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहां 80 प्रतिशत लोगों की रोजी-रोटी खेती पर आधारित है. ऐसे में 80 प्रतिशत लोगों के विरुद्ध किसी कानून को स्वीकृति नहीं दी जा सकती. उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा किसानों के हित में 73 वां संशोधन पास किया गया था. 1992 में पेसा कानून में जमीन अधिग्रहण हेतु ग्राम सभा की सहमति आवश्यक बतायी गयी थी, लेकिन भाजपा सरकार पूर्व में दक्षिण अफ्रीका में अंगरेजों द्वारा गरीब किसानों की जमीन हड़पने की साजिश को देश में फिर से दोहराना चाहती है. श्रीमती रंजन ने बंद पड़े उद्योगों को फिर से चालू करने का अनुरोध करते कहा कि कुसहा त्रासदी के बाद कोसी क्षेत्र में हजारों हेक्टेयर भूमि बंजर व बलुवाही हो गयी. उन्होंने इन जमीन पर रेल प्रोजेक्ट व फैक्टरी लगाने की मांग की. कहा कि रियल स्टेट को लाभ पहुंचाने के बजाय रक्षा एवं रेल प्रोजेक्ट के लिए लाये गये बिल का हम स्वागत करेंगे.
भूमि अधिग्रहण बिल का सांसद ने किया विरोध
फोटो-01कैप्सन-फाइल फोटो रंजीत रंजनप्रतिनिधि, सुपौलकेंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की करारी हार हुई. अगर यही आलम रहा तो चंद वर्षों में पूरे देश से भाजपा का सुपड़ा साफ हो जायेगा. यह बातें सांसद रंजीत रंजन ने भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को लेकर संसद में हुई बहस के दौरान कहीं. […]
