प्रतिनिधि, सुपौलभूमि अधिग्रहण अध्यादेश के विरुद्ध मंगलवार को भाकपा के बैनर तले स्टेशन चौक पर नुक्कड़ सभा हुई. अलाउद्दीन साफी की अध्यक्षता में नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए जिला सचिव सुरेश्वर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार औने-पौने कीमत में किसानों की जमीन छीन कर कॉरपोरेट घरानों, बिल्डर व भू-माफिया को देने की योजना बना रही है. वर्ष 2013 में भूमि अधिग्रहण कानून बना था. इस कानून में भूमि अधिग्रहण से पूर्व 80 फीसदी किसानों की सहमति आवश्यक थी. अधिग्रहित भूमि पर प्रस्तावित योजना के लागू नहीं होने की स्थिति में पांच वर्ष के बाद किसानों को उक्त भूमि वापस किये जाने का प्रावधान किया गया था. लेकिन सरकार किसानों के हित में बनाये गये तमाम कानून को हटा कर इसमें संशोधन करना चाहती है. चुनाव के समय किये गये तमाम वादों को केंद्र की सरकार भूल चुकी है. सौ दिनों में विदेशों में जमा काला धन लाने का सपना दिखाने वाले नरेंद्र मोदी आज इस चुप्पी साधे हुए हैं. महंगाई पर नियंत्रण करने का दावा करने वाली सरकार बजट में सर्विस टैक्स बढ़ा कर आम लोगों को राहत देने के बजाय और अधिक महंगाई की मार झेलने पर विवश कर दिया है. इसे भाकपा कभी बरदाश्त नहीं करेगी. सभा को गजेंद्र नारायण सिंह, विद्यानंद कामत, शंभु शरण शर्मा, मो मन्नान, मो अयूब ने भी संबोधित किया.
किसानों के साथ नाइंसाफी कर रही है केंद्र सरकार
प्रतिनिधि, सुपौलभूमि अधिग्रहण अध्यादेश के विरुद्ध मंगलवार को भाकपा के बैनर तले स्टेशन चौक पर नुक्कड़ सभा हुई. अलाउद्दीन साफी की अध्यक्षता में नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए जिला सचिव सुरेश्वर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार औने-पौने कीमत में किसानों की जमीन छीन कर कॉरपोरेट घरानों, बिल्डर व भू-माफिया को देने की योजना […]
