प्रतिनिधि, सुपौलबाल कल्याण समिति की अध्यक्ष नीलम कुमारी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि आज भी आधी आबादी अपने अधिकार से वंचित है और अधिकार के लिए संघर्ष जारी है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि 1966 से आज तक महिला आरक्षण बिल लंबित है. यह एक साजिश का हिस्सा है. महिलाएं हमेशा दाता की भूमिका में रहती हैं, लेकिन उन्हें उनका वाजिब हक भी नहीं मिल पाता है. महिलाओं को उनका अधिकार व सम्मान मिलना चाहिए.
महिलाओं को मिले अधिकार व सम्मान
प्रतिनिधि, सुपौलबाल कल्याण समिति की अध्यक्ष नीलम कुमारी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि आज भी आधी आबादी अपने अधिकार से वंचित है और अधिकार के लिए संघर्ष जारी है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि 1966 से आज तक महिला आरक्षण बिल लंबित है. यह एक साजिश का हिस्सा है. महिलाएं […]
