फोटो -15कैप्सन- प्रेस वार्ता को संबोधित करते राष्ट्रीय अध्यक्षप्रतिनिधि, सुपौलराज्य में 25 हजार निजी विद्यालय हैं, जिसमें से आठ हजार को सरकारी मान्यता मिल चुकी है. बहरहाल निजी विद्यालयों में 70 लाख बच्चे पढ़ रहे हैं. इसकी वजह यह है कि यहां पढ़ाई की बेहतर स्थिति है. साथ ही हम सामाजिक सरोकार का भी निर्वाह कर रहे हैं. उक्त बातें प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्मायल अहमद ने प्रेस वार्ता में कही. श्री अहमद निजी विद्यालय एसोसिएशन के कार्यक्रम में हिस्सा लेने सुपौल आये थे.उन्होंने कहा कि निजी विद्यालय सरकारी मापदंड पर पूरी तरह खड़े उतर रहे हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मान चुके हैं कि निजी विद्यालयों की व्यवस्था बेहतर है. कहा कि उनके यहां अमीर-गरीब के बीच भेदभाव नहीं किया जाता है. जब तक सभी निजी विद्यालयों को मान्यता नहीं मिल जाती है, इस दिशा में संगठन का प्रयास जारी रहेगा. पूर्व डीजीपी अभयानंद के सहयोग से एक नयी पहल आरंभ की गयी है. 25 हजार प्राइवेट स्कूलों से दो लाख बच्चों का चयन कर उन्हें गणित पढ़ाया जायेगा. इसकी शुरुआत 03 दिसंबर 2014 को डॉ राजेंद्र प्रसाद के जन्म दिवस पर छपरा से आरंभ किया जा चुका है. यह कार्यक्रम आठ जिलों में आरंभ हो चुका है. इन बच्चों को पढ़ा कर फिर परीक्षा ली जायेगी.यह परीक्षा अभयानंद मैथ ओलंपियाड कहलायेगा. परीक्षा में 90 फीसदी से ऊपर अंक लाने वालों को पटना में तथा शेष को जिला स्तर पर सम्मानित किया जायेगा. इस अवसर पर एसोसिएशन के प्रदेश संयुक्त सचिव वंदना भारती, जिलाध्यक्ष श्याम किशोर ठाकुर, मिथिलेश कुमार झा, वली अहमद, प्रमोद यादव, बैजू मैथ्यु, मो इनायत, कृष्ण कुमार झा आदि उपस्थित थे.
निजी विद्यालय कर रहे सामाजिक सरोकार का निर्वाह :अहमद
फोटो -15कैप्सन- प्रेस वार्ता को संबोधित करते राष्ट्रीय अध्यक्षप्रतिनिधि, सुपौलराज्य में 25 हजार निजी विद्यालय हैं, जिसमें से आठ हजार को सरकारी मान्यता मिल चुकी है. बहरहाल निजी विद्यालयों में 70 लाख बच्चे पढ़ रहे हैं. इसकी वजह यह है कि यहां पढ़ाई की बेहतर स्थिति है. साथ ही हम सामाजिक सरोकार का भी निर्वाह […]
