गायत्री सद्बुद्धि व यज्ञ सतकर्म की देता है प्रेरणा : साध्वी दीना

फोटो-14,15 कैप्सन- प्रवचन करती दीना व उपस्थित श्रद्धालु प्रतिनिधि, त्रिवेणीगंजगायत्री शक्तिपीठ डपरखा परिसर में आयोजित 108 कुंडली गायत्री महायज्ञ के चार दिवसीय आयोजन के दूसरे दिन सोमवार को शांतिकुंज हरिद्वार से आयी टोली नायिका दीना त्रिवेदी ने प्रवचन दिया. कहा कि गायत्री सद्बुद्धि एवं यज्ञ सद्कर्म की प्रेरणा देता है. यह दोनों भारतीय संस्कृति का […]

फोटो-14,15 कैप्सन- प्रवचन करती दीना व उपस्थित श्रद्धालु प्रतिनिधि, त्रिवेणीगंजगायत्री शक्तिपीठ डपरखा परिसर में आयोजित 108 कुंडली गायत्री महायज्ञ के चार दिवसीय आयोजन के दूसरे दिन सोमवार को शांतिकुंज हरिद्वार से आयी टोली नायिका दीना त्रिवेदी ने प्रवचन दिया. कहा कि गायत्री सद्बुद्धि एवं यज्ञ सद्कर्म की प्रेरणा देता है. यह दोनों भारतीय संस्कृति का मुख्य आधार है. यज्ञ एक सामाजिक आंदोलन है, इसके माध्यम से देव दक्षिणा के रूप में लोग अपने बुराईयों का त्याग करते हैं. सुश्री दीना ने कहा कि संस्कार मनुष्य जीवन में जीवन जीने की कला है. जब बच्चा मां के गर्भ में आता है तब से मृत्यु तक जीवन में सोलह प्रकार के नाजुक मोड़ आते हैं. उन्होंने विस्तारपूर्वक जीवन के सभी संस्कारों की चर्चा की. प्रवचन से पूर्व देव पूजन किया गया. इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु ने हिस्सा लिया. इस अवसर पर यज्ञ स्थल पर देवी-देवताओं की प्रतिमा, धार्मिक पुस्तक और औषधि के स्टॉल लगाये गये हैं.

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