फोटो-03कैप्सन- प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद मौलाना सइदुर्रहमान व अन्य प्रतिनिधि, प्रतापगंजशिक्षा को धर्म और दुनिया के साथ नहीं जोड़ा जा सकता है. तालीम हासिल कर उस तालीम को अन्य इंसानों के बीच बांटना ही इंसानियत है. तालीम बांटने में इंसान-इंसान के बीच फर्क करना अच्छी बात नहीं है. उक्त बातें सोमवार को मधुबनी गांव स्थित जामिअतुल काशिम दारूल उलूम इसलामिया में आयोजित एक दिवसीय तालीमी बेदारी कांफ्रेंस में इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के चांंसलर एवं दारुल उलूम नदवातुल उलेमा के प्राचार्य हजरत मौलाना डॉ सइदुर्रहमान उल-अजमी अल नदवी ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा. कहा कि तालीम से इल्म की प्राप्ति होती है और इल्म के साथ अमल किया जाना अहमियत रखता है. इल्म सीख कर उसे अमल में लाने से हीं विकास का मार्ग खुलता है. प्रेस कांफ्रेंस मे मौजूद केंद्र सरकार के अल्प संख्यक आयुक्त पद्म श्री प्रो अख्तारूल वसी ने कहा कि 2020 तक भारत एक महान शक्ति के रूप में उभरेगा. यह तभी संभव है, जब देश के 15 प्रतिशत मुसलमानों में तालिमी बेदारी जगायी जायेगी. कहा कि देश तक लोगों को अपने तरक्की के लिए तालिमी बेदारी के महत्व को जानना होगा और आधी रोटी खाकर भी बच्चों को तालीम होने की आदत भी डालनी होगी. कहा कि मदरसा के बच्चे आज की आधुनिक शिक्षा का मुकाबला कर सके, उसके लिए मदरसों में विज्ञान के साथ तकनीकी शिक्षा पर जोर डाला जा रहा है.
इंसानों के बीच तालीम बांटना ही इंसानियत : मौलाना सइदुर्रहमान
फोटो-03कैप्सन- प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद मौलाना सइदुर्रहमान व अन्य प्रतिनिधि, प्रतापगंजशिक्षा को धर्म और दुनिया के साथ नहीं जोड़ा जा सकता है. तालीम हासिल कर उस तालीम को अन्य इंसानों के बीच बांटना ही इंसानियत है. तालीम बांटने में इंसान-इंसान के बीच फर्क करना अच्छी बात नहीं है. उक्त बातें सोमवार को मधुबनी गांव स्थित […]
