राघोपुर. विभागीय लापरवाही के कारण विद्युत उपभोक्ताओं को गलत बिजली विपत्र भेजने का मामला अक्सर प्रकाश में आ रहा है. इसके कारण विपत्र में सुधार कराने के लिये उपभोक्ताओं को महीनों कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है. आलम यह है कि लाख मशक्कत के बावजूद भी विपत्र में सुधार नहीं हो पा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं में आक्रोश व्याप्त है.स्थानीय विद्युत उपभोक्ता मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि उन्हें नवंबर माह का बिजली बिल 63 हजार 729 रुपये भेजा गया है. श्री गुप्ता बताते हैं कि उनका उपभोक्ता संख्या आरजीपी/सीएस 194 है. नियमित रूप से उनके द्वारा बिजली विपत्र का भुगतान किया जाता रहा है. मार्च 2013 में उन्हें अचानक 17 हजार 514 रुपये का बिजली विपत्र प्राप्त हुआ. भुगतान किये गये विपत्र की रसीद एवं आवेदन देकर उन्होंने विपत्र सुधार कराये जाने की मांग की . विभाग द्वारा उन्हें केवल आश्वासन मिला. विपत्र में सुधार होने की जगह अक्तूबर 2014 के विपत्र 7349 यूनिट के लिये 63 हजार 199 रुपये का बिल प्राप्त हुआ. आवेदक ने जिला पदाधिकारी सहित अन्य को आवेदन प्रेषित कर विपत्र सुधार की मांग की है.
बिजली बिल में गड़बड़ी से उपभोक्ता परेशान
राघोपुर. विभागीय लापरवाही के कारण विद्युत उपभोक्ताओं को गलत बिजली विपत्र भेजने का मामला अक्सर प्रकाश में आ रहा है. इसके कारण विपत्र में सुधार कराने के लिये उपभोक्ताओं को महीनों कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है. आलम यह है कि लाख मशक्कत के बावजूद भी विपत्र में सुधार नहीं हो पा रहा है, जिससे […]
