फोटो-3कैप्सन- अतिक्रमित शेड पिपरा. गंदगी व कचरे के ढेर पर लगता है पिपरा का हाट, जहां साग-सब्जी से लेकर मांस -मछली तक की बिक्री होती है. कहने को तो यह सरकारी राजस्व हाट है और हाट का वार्षिक डाक भी होता है, लेकिन सुविधा के नाम पर यहां कुछ भी हासिल नहीं है. लोग खरीदे गये साग-सब्जी, मांस- मछली के साथ बीमारी भी अपने घर ले जाते हैं. हाट परिसर में दशकों पूर्व बना शेड कभी भी ध्वस्त हो सकता है. शौचालय का सारा पानी हाट परिसर में जाने से स्थिति गंभीर बनी हुई है. एक शेड को वर्षों से लोगों द्वारा अतिक्रमण कर रखा गया है. अनुमंडल पदाधिकारी विमल कुमार मंडल द्वारा हाट पर मिट्टी भराई, ईंट सोलिंग व इंटरलाकिंग कार्य का निर्देश दिया गया था, लेकिन हाट को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया जा सका और उक्त कार्य आज भी अधर में लटका हुआ है. इस बाबत अंचलाधिकारी गौरांग कृष्ण ने बताया कि हल्का कर्मचारी को हाट का पैमाइश कराने का निर्देश दिया गया है. उसके बाद अतिक्रमण हटाया जायेगा.
कचरे के ढेर पर लगता है पिपरा का हाट
फोटो-3कैप्सन- अतिक्रमित शेड पिपरा. गंदगी व कचरे के ढेर पर लगता है पिपरा का हाट, जहां साग-सब्जी से लेकर मांस -मछली तक की बिक्री होती है. कहने को तो यह सरकारी राजस्व हाट है और हाट का वार्षिक डाक भी होता है, लेकिन सुविधा के नाम पर यहां कुछ भी हासिल नहीं है. लोग खरीदे […]
