23 वर्षों के इंतजार के बाद जजशिप का सपना होगा पूरा

सुपौल : सुपौल वासियों के लिए 22 नवंबर 2014 इस मायने में इतिहास का हिस्सा बनेगा कि 23 वर्ष आठ माह और आठ दिन के इंतजार के बाद उनके जजशिप का सपना पूरा होने वाला है. काफी जद्दोजहद व इंतजार के बाद शनिवार की सुबह 09:30 बजे पटना उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश रेखा मनोहरलाल […]

सुपौल : सुपौल वासियों के लिए 22 नवंबर 2014 इस मायने में इतिहास का हिस्सा बनेगा कि 23 वर्ष आठ माह और आठ दिन के इंतजार के बाद उनके जजशिप का सपना पूरा होने वाला है. काफी जद्दोजहद व इंतजार के बाद शनिवार की सुबह 09:30 बजे पटना उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश रेखा मनोहरलाल दोषित जिला व सत्र न्यायालय तथा परिवार न्यायालय का उदघाटन करेंगी. इस मौके पर कई न्यायाधीश व सूबे के मंत्री मौजूद रहेंगे.

मुख्य न्यायाधीश शुक्रवार की देर शाम सुपौल पहुंचने वाली हैं. तीन वर्ष पूर्व हुआ था भवन का उद्घाटन 12 नवंबर 2011 को मुख्य न्यायाधीश रेखा मनोहरलाल दोषित द्वारा व्यवहार न्यायालय भवन का उदघाटन किया गया था. जानकारी के अनुसार जिला व सत्र न्यायाधीश के लिए आवास उपलब्ध नहीं होने व अन्य तकनीकी कारणों से भवन के उदघाटन के तीन साल बाद अब जजशिप का उदघाटन होने जा रहा है.

लोगों को मिलेगी कई सुविधाएं जिले के प्रथम जिला व सत्र न्यायाधीश के रूप में संजय कुमार की तैनाती की गयी है, जबकि परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश बलराम सिंह बनाये गये हैं. जिला व सत्र न्यायालय तथा परिवार न्यायालय आरंभ होने से अब जिले वासियों को न्यायिक कार्यों के लिए सहरसा का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा.

सत्र न्यायालय के कारण अग्रिम जमानत, दुर्घटना बीमा समेत विभिन्न सिविल अपील यहां दायर किये जा सकेंगे. वहीं परिवार न्यायालय की वजह से तलाक, भरण-पोषण व विवाह संबंधी सभी प्रकार के वादों का निपटारा हो सकेगा. अब तक सहरसा के जिला व सत्र न्यायाधीश महीने में एक या दो दिन आकर सर्किट कोर्ट लगाया करते थे.

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