सौरबाजार : प्रखंड क्षेत्र के रामपुर पंचायत के बड़सम गांव निवासी आरक्षी युवक चंद्रभूषण कुमार ने अपने पदस्थापित जगह सीतामढ़ी में सर्विस एके 47 से पहले पत्नी मधुलता कुमारी को व उसके बाद खुद को गोली मारकर जीवन लीला समाप्त कर ली.
बड़सम गांव निवासी राजदीप यादव का सबसे छोटा पुत्र चंद्रभूषण था. जिसकी शादी सलखुआ प्रखंड के उटेसरा गांव निवासी शिवनंदन यादव की सबसे छोटी पुत्री मधुलता के साथ मई 2018 में संपन्न हुई थी. संयोगवश कोई संतान नहीं था.
बताया जाता है कि आरक्षी को शादी में लड़की वाले की ओर से अच्छी खासी राशि भी दहेज स्वरूप दिया गया था. घटना के संबंध में गांव के संभ्रांत व्यक्ति (नाम नहीं छापने के शर्त पर) ने बताया कि शादी के बाद से लड़की अपने ससुराल बड़सम में रह रही थी.
लेकिन उसके व्यवहार से ससुराल वालों को कष्ट होता था. चूंकि अड़ोस पड़ोस से अक्सर मधुलता मोबाइल से बात किया करती थी. इस बात को लेकर जब आरक्षी गांव आया तो उसके भाई ने बताया कि तुम अपने पत्नी को अपने ही साथ लेकर अपनी नौकरी वाले स्थान पर चले जाओ.
ताकि इसमें सुधार हो जाये. आरक्षी अपनी पत्नी को लेकर सीतामढ़ी चला गया. लेकिन आदत में सुधार नहीं देख वह तनाव में रहने लगा. आजिज आकर उसने अपनी सर्विस एके 47 से पहले पत्नी को सात चक्र व बाद में खुद को तीन चक्र गोली मारकर जीवन लीला समाप्त कर ली.
गांव में घटना की जानकारी प्राप्त होने के बाद दोनों के शव को सीतामढ़ी पुलिस की देखरेख में बड़सम गांव लाया गया. जिसे सौरबाजार थानाध्यक्ष जयशंकर प्रसाद के निर्देश पर सअनि रामजी दास ने बड़सम गांव पहुंचाया.
दोनों दंपती की जीवन लीला समाप्ति के बाद से लड़का व लड़की दोनों पक्षों की ओर से तरह-तरह के कयास लगाये जा रहे हैं. लेकिन सूत्रों के अनुसार परिणाम कुछ भी नहीं होने वाला है. हालांकि दोनों मृतक के सर्विस मोबाइल को खंगालने के उद्देश्य से सीतामढ़ी पुलिस ने मोबाइल जब्त कर अग्रेतर कार्रवाई प्रारंभ कर दी है.
संभावना व्यक्त की जा रहा है कि आखिर मृतका बड़सम गांव में किससे मोबाइल पर बातचीत किया करती थी व किस प्रलोभन में ससुराल पक्ष वालों को तरजीह नहीं देती थी. बहरहाल दोनों के दाह संस्कार कार्यक्रम के बाद ग्रामीण आगे की रणनीति पर विचार करने लगे हैं.
