वीरपुर : बसंतपुर प्रखंड के कोचगामा पंचायत के दर्जनों गांव के लोगों को कुशहा त्रासदी के 11 साल गुजर जाने के बावजूद आज भी चचरी पुल के सहारे ही आवागमन करना पड़ता है. यह मार्ग प्रखंड एवं अनुमंडल मुख्यालय को कोचगामा पंचायत के दर्जनों गांवों को जोड़ती है.
जेल के पीछे से होकर मोहनपुर होते हुए यह मार्ग कोचगामा एवं बलभद्रपुर पंचायत के एक दर्जन गांव के लोगों के आवागमन का सहारा है. वर्ष 2008 की कुशहा त्रासदी के दौरान हहिया नदी पर बना पुल ध्वस्त हो गया था. जो आज भी विभागीय उदासीनता के कारण बन नहीं बन सका. कोचगामा के लोग पैदल चचरी के रास्ते तो गुजर जाते हैं.
लेकिन किसी के बीमार होने की स्थिति में 10 किलोमीटर अधिक चक्कर लगा कर उन्हें वीरपुर आना पड़ता है. मोहनपुर के जमील अख्तर, कोचगामा के सादाब एवं निजाम चौक के रसूल आदि का कहना है कि विभागीय उदासीनता का इससे बड़ा उदाहरण क्या हो सकता है. लोगों की परेशानी को नजरअंदाज किया जा रहा है. बीडीओ एवं एसडीएम को लिखने के बावजूद कुछ नहीं हुआ. इस संबंध में एसडीएम सुभाष कुमार ने बताया कि इसका प्रपोजल भेजा जा चुका है. स्वीकृति मिलते ही पुल निर्माण किया जायेगा.
