निर्मली : नगर पंचायत के वार्ड संख्या 07 में विवादित जमीन पर गृह निर्माण रोक को लेकर जगदीश कुमार साह के आवेदन पर थानाध्यक्ष ने सुधि नहीं ली. जिसके बाद वे क्षुब्ध होकर चिलचिलाती धूप में अनुमंडल कार्यालय परिसर में भूख हड़ताल पर बैठ गये. अनशन कारी श्री साह जब अनुमंडल कार्यालय के बरामदे पर बैठना चाहे तो पेशकार सह नाजिर ने बरामदे पर नहीं बैठने दिया.
विवादित जमीन पर गृह निर्माण रोक की शिकायत की थानेदार से, नहीं ली सुधि, धूप में बैठा अनशन पर
निर्मली : नगर पंचायत के वार्ड संख्या 07 में विवादित जमीन पर गृह निर्माण रोक को लेकर जगदीश कुमार साह के आवेदन पर थानाध्यक्ष ने सुधि नहीं ली. जिसके बाद वे क्षुब्ध होकर चिलचिलाती धूप में अनुमंडल कार्यालय परिसर में भूख हड़ताल पर बैठ गये. अनशन कारी श्री साह जब अनुमंडल कार्यालय के बरामदे पर […]

विवश होकर वे कार्यालय के आगे धूप में अनशन पर बैठ गये. श्री साह के भूख हड़ताल पर बैठते देख अनुमंडल कार्यालय में कार्यरत पेशकार रवि शंकर कुमार ने अनशन पर बैठे युवक को जोर जबरदस्ती अनशन पर से उठा दिया.
कहा कि अनशन पर बैठना है तो गेट के बाहर चले जाओ. इस बीच एक मीडिया कर्मी जब उसकी तस्वीर ले रहे थे तो पेशकार द्वारा मीडियाकर्मी का मोबाइल छीनने का प्रयास किया गया. अनुमंडल कार्यालय में कार्यरत इस कर्मी की दबंगई इस हद तक पहुंच गई है कि अब न्याय की गुहार लगाने वाले लोग को भी धक्का मार कर परिसर से बाहर कर दिया जा रहा है. हालांकि अनुमंडल पदाधिकारी नीरज नारायण पांडेय अनशनकारी युवक को अपने कार्यालय वेश्म में बुलाकर वस्तु स्थिति से अवगत हुए.
मौके पर उपस्थित निर्मली थानाध्यक्ष को अनशन कारी युवक द्वारा दिये गये आवेदन पर अविलंब जांच कर प्रतिवेदन की मांग किया गया. कहा कि प्रतिवेदन आते ही विवादित भूमि पर धारा 144 की कार्रवाई की जायेगी. थानाध्यक्ष द्वारा अनशनकारी के साथ किये गये दुर्व्यवहार के मुद्दे पर थानाध्यक्ष ने बताया कि लगाये गये सारे आरोप गलत हैं. अनुमंडल पदाधिकारी के द्वारा दिये गये आश्वासन पर अनशनकारी अनशन को समाप्त कर दिया.
क्या है मामला
नगर के वार्ड संख्या सात स्थित अनशनकारी युवक के भूमि पर उनके चाचा द्वारा जोर जबरदस्ती घर बनाया जा रहा था. घर बनाने से मना करने पर मारपीट करने पर उतारू हो जाता है. थक हार कर युवक ने पुलिस का सहारा लेना मुनासिब समझा. इसी आशा के साथ लिखित आवेदन लेकर थानाध्यक्ष के पास गया.
किंतु थानाध्यक्ष आवेदन पढ़ने के साथ ही आपे से बाहर हो गये और युवक को गाली देना शुरू कर दिया. इतना ही नहीं युवक द्वारा दिए गए आवेदन को नीचे फेंकते हुए धक्का मार कर बाहर कर दिया. जिससे युवक काफी मर्माहत हुआ और अपनी मांगों के समर्थन में अनशन पर बैठने के लिए मजबूर हो गया.