तूल पकड़ता जा रहा किशोर की मौत का मामला, सांसद से लगायी न्याय की गुहार

सुपौल : गत 05 अप्रैल को रेलवे स्टेशन पार कर रहे किशोर की मौत का मामला धीरे-धीरे तूल पकड़ता जा रहा है. 16 वर्ष के बेटे को खोने के गम में जहां पीड़ित के परिवार इस सदमे से अबर नहीं पा रहा है. वहीं परिजन के साथ ही मृत किशोर के सगे-साथी व अन्य लोग […]

सुपौल : गत 05 अप्रैल को रेलवे स्टेशन पार कर रहे किशोर की मौत का मामला धीरे-धीरे तूल पकड़ता जा रहा है. 16 वर्ष के बेटे को खोने के गम में जहां पीड़ित के परिवार इस सदमे से अबर नहीं पा रहा है. वहीं परिजन के साथ ही मृत किशोर के सगे-साथी व अन्य लोग अब घटना के लिये दोषी को सजा देने तथा मुआवजे की मांग को लेकर न्याय की गुहार लगा रहे हैं.

मालूम हो कि स्थानीय चकला निर्मली निवासी मनोज कुमार के छोटे पुत्र एवं 10वीं कक्षा के छात्र कुलदीप की मौत 05 अप्रैल की रात रेलवे स्टेशन परिसर में हो गयी थी. कुलदीप किसी काम से अपने घर से बाजार जाने निकला था. इस क्रम में अंधेरे में पटरी पार करने के क्रम में उसके सर में गहरी चोट लगने से उसकी मौत हो गयी थी. पुलिस द्वारा शव का अंत्यपरीक्षण कराने के उपरांत परिजनों को सौंप दिया गया था एवं घटना रेल थाना सहरसा को सुपुर्द कर दिया गया. लेकिन इन सब के बीच किसी ने पीड़ित परिवार की व्यथा व घटना के कारणों के सुधी नहीं ली. मृतक के परिवार में अब तक मातमी सन्नाटा पसराहुआ है.

सांसद ने दिया सहायता का भरोसा
सांसद रंजीत रंजन ने पीड़ितों की व्यथा सुनने के बाद रेल विभाग के डीआरएम से बात कर उनसे इस दिशा में उचित कार्रवाई का आग्रह किया. सांसद ने बताया कि डीआरएम ने भरोसा दिलाया है कि मृतक का पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पीड़ित परिवार को समुचित सहायता प्रदान की जायेगी. सांसद ने मृतक के परिजनों को ढांढस भी बंधाया.
जान जोखिम में डाल कर पटरी पार करते हैं लोग
घटना की विस्तृत जांच एवं उचित सहायता की मांग को लेकर कुलदीप के परिजन एवं दर्जनों छात्र एवं बुद्धिजीवियों ने बुधवार को किसान भवन पहुंच कर सांसद रंजीत रंजन से न्याय की गुहार लगायी. उन्होंने सांसद को बताया कि अमान परिवर्तन कार्य को लेकर रेलवे परिसर में निर्माण कार्य चल रहा है. पटरियां बिछाई जा रही है. प्लेटफॉर्म का निर्माण भी किया जा रहा है. मौके पर मौजूद वार्ड पार्षद सहित अन्य लोगों ने रेल विभाग के क्रियाकलाप पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि प्लेटफॉर्म के दोनों ओर बड़ी आबादी बसी है. जिसका आना-जाना स्टेशन की ओर से ही होता है. पूर्व में लोगों की सुविधा हेतु यहां ओभर ब्रीज बनाया गया था.
जिसे अमान परिवर्तन कार्य के दौरान तोड़ दिया गया. लेकिन कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गयी. जिसके कारण आये दिन लोग जान जोखिम में डाल कर पटरी पार करने को विवश हैं. निर्माण कार्य में लगे संवेदक द्वारा यहां कार्य प्रगति पर है या वर्जित क्षेत्र जैसा बोर्ड भी नहीं लगाया गया है. स्टेशन परिसर में रौशनी की भी व्यवस्था नहीं है. जिससे रात में इस ओर से गुजरना खतरे से खाली नहीं होता है. परिसर में सुरक्षा की व्यवस्था भी नदारत है. उन्होंने किशोर की मौत के लिये रेलवे विभाग एवं संवेदक को दोषी बताते हुए दोषियों को सजा देने एवं पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की.
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