थुमहा पंचायत के वार्ड नंबर दस की घटना
ट्रैक्टर में लगे थ्रेसर से लोग तैयार कर रहे थे गेहूं की फसल
मुखिया ने सीओ को दी घटना की सूचना
पिपरा : अंचल क्षेत्र के थुमहा पंचायत के वार्ड नंबर 10 में गेहूं तैयार करने के क्रम में थ्रेसर से निकली चिनगारी ने दस घर सहित लाखों की संपत्ति को बर्बाद कर दिया. इस घटना में एक ट्रैक्टर के जलने की भी जानकारी मिल रही है. सोमवार को पूर्वाह्न 10 बजे घटित इस घटना के संबंध में बताया जाता है कि थुमहा वार्ड नंबर 10 में ट्रैक्टर में लगे थ्रेसर से सामूहिक तौर लोग पर अपने-अपने गेहूं की तैयारी करवा रहे थे. इसी बीच थ्रेसर से निकली चिनगारी से तैयारी के लिए जमा कर रखी गयी गेहूं की फसल में आग लग गयी. जब तक लोग कुछ समझ पाते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया. आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गेहूं की फसल की तैयारी कर रहे ट्रैक्टर युक्त थ्रेसर को भी नहीं निकाला जा सका.
घर सहित 50 मन गेहूं जला
इस घटना में संजय साह, कदमलाल साह, बेचन साह, दुखी साह, रूदो साह, शालीग्राम साह का घर सहित 50 मन गेहूं जल गया. वहीं थ्रेसर मालिक गोपाल साह का थ्रेसर जल गया. घटना की सूचना मुखिया राम प्रसाद मंडल ने अंचलाधिकारी रमेश कुमार सिंह को दी. इस संबंध में सीओ ने बताया कि घटनास्थल पर राजस्व कर्मचारी को भेजा गया है. जांच प्रतिवेदन के आधार पर पीड़ित परिवारों को सरकारी सुविधा मुहैया कराया जायेगा.
जिले में लगातार बढ़ती जा रही अगलगी की घटना
2007 में जिले में हुई थी अग्निशमन केंद्र की स्थापना
2007 में जिले में अग्निशमन केंद्र की स्थापना की गयी थी, लेकिन स्थापना काल से ही अग्निशमन केंद्र किसी न किसी समस्याओं से ग्रस्त रहा है. जानकारों की मानें तो गर्मी के मौसम में पछुआ हवा की रफ्तार तेज होने के साथ ही अगलगी का खतरा मंडराने लगा है. खास कर गेहूं की तैयारी के दौरान खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है.
जब थ्रेसर से निकली आग की एक चिनगारी देखते-देखते कई आशियाने और कई बीघे की फसल को खाक कर देती है. सोमवार को पिपरा प्रखंड के थुमहा बाजार में थ्रेसर से निकली चिनगारी ने पल भर में भीषण आग का रूप ले लिया और कई घरों को खाक कर दिया. इतना ही नहीं प्राप्त सूचना के अनुसार इससे पूर्व भी मार्च महीने से सरायगढ़, राघोपुर, किसनपुर, निर्मली, छातापुर, प्रतापगंज सहित पिपरा में अगलगी की दर्जनों घटना घट चुकी है. इसमें लगभग 100 घर सहित करीब 15 लाख की संपत्ति बर्बाद हो गयी है.
12 दमकल के भरोसे है 22 लाख की आबादी
विभागीय सूत्रों की मानें तो पूरे जिले में अग्निशमन की कुल 12 गाड़ियां उपलब्ध है. इसमें जिला मुख्यालय में 04, निर्मली में 03, वीरपुर में 03 और त्रिवेणीगंज में दो गाड़ियां दी गयी है. विभागीय जानकारी के अनुसार आपदा विभाग, पर्यटन विभाग और गृह रक्षक विभाग द्वारा अग्निशमन की गाड़ियां दी गयी है, ताकि समय पर आपदा से निबटा जा सके. इन गाड़ियों में जिला मुख्यालय में पानी भरने के लिए तीन सेंटर बनाये गये हैं. जबकि दो सेंटर अन्य प्रखंडों में अवस्थित है. इसमें पहला स्टेडियम में, दूसरा पीएचइडी कार्यालय परिसर में, तीसरा समाहरणालय परिसर में अवस्थित है. इसके अलावे प्रतापगंज प्रखंड व किसनपुर प्रखंड में एक-एक केंद्र अवस्थित है. खास बात यह है कि अग्निशमन की गाड़ी को पानी भरने के लिए बिजली का भी इंतजार करना पड़ता है. हालांकि पीएचइडी के रिफिलिंग सेंटर में पहले जेनसेट की व्यवस्था थी, लेकिन वो कई माह से खराब पड़ा है. ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि व्यवस्था कितनी कारगर है. इतना ही नहीं सबसे बड़ी परेशानी यहां कर्मी की है.
