अखिल भारतीय दरिया पंथ संत महासम्मेलन को संत आश्रम के संत अर्जुन दास ने किया संबोधित
प्रतापगंज : आधुनिकता के परिवेश में व्याप्त अशांति, असंतोष, आक्रोश तथा अराजकता से मानव पूर्णतया व्याकुल और व्यग्र हो गया है. सर्वत्र द्वेष्, दुर्भाव, दुराव, दुश्मनी आदि नैसर्गिक भावों ने समाज में अपना पांव पसार लिया है. उक्त बातें प्रखंड क्षेत्र के भवानीपुर दक्षिण पंचायत में आयोजित तीन दिवसीय अखिल भारतीय दरिया पंथ संत महासम्मेलन को संबोधित करते हुए दरिया संत आश्रम के संत अर्जुन दास ने कही. उन्होंने कहा कि मानवता उस कगार पर आकर खड़ी है, जहां छोटी सी भूल से पूरी मानव सभ्यता का सर्वनाश हो सकता है. कहा कि आध्यात्म के अभाव में विज्ञान की शक्तियां आत्मघाती सिद्ध हुई है. ऐसे में सच्चे संतों की वाणी ही दिगभ्रमित समाज का मार्गदर्शक बन सकता है. कहा कि जब हम एकता-अखंडता में आयेंगे, तभी हमारा समाज और देश मजबूत होगा.
मौके पर उत्तर प्रदेश के आश्रम दरिया पंथ पतुलकी बाराबंकी से पधारे संत रामानंद ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि दरिया साहब का सिद्धांत है कि मानव इस संसार में आकर नाना प्रकार के कपटों को सहन करते हुए समाज को अनुकूल दशा प्रदान करे. कहा कि जीव अमर लोक से मृत्यु लोक में आया है, जो बादलों की तरह भटक रहा है. जब तक जीव पुन: आत्मलोक नहीं पहुंचता है, तब तक स्थिरता व सुख समृद्धि नहीं मिलेगी. इस कार्यक्रम में बिहार के अलावा अन्य राज्यों के संत समाज के लोग पधारे है.
