दुर्घटना. पशुओं से लदा पिकअप वैन का सैफ जवानों ने किया पीछा, घबराये चालक ने बाइक में मारी ठोकर
राघोपुर : थाना क्षेत्र की दौलतपुर पंचायत के भगता टोला स्थित एनएच 57 पर पिकअप वैन और बाइक की टक्कर में एक की मौत घटना स्थल पर ही हो गयी. वहीं दो बुरी तरह जख्मी हो गया. जानकारी अनुसार सिमराही से फारबिसगंज की ओर जा रही पशुओं से लदी एक पिकअप वैन का शक के आधार पर दो सैफ के जवानों ने पीछा किया. जिससे घबराये पिकअप चालक ने अपनी रफ्तार बढ़ा दी एवं भगता टोला के समीप जाकर एक बाइक को ठोकर मार दी.
ठोकर लगने से बाइक पर सवार प्रतापगंज थाना क्षेत्र के भालुकुप तीनटोलिया निवासी राजेश सिंह (35) की मौत घटना स्थल पर ही मौत हो गयी. वहीं राघोपुर थाना क्षेत्र के भगता टोला निवासी बेचु ठाकुर के पुत्र श्रीकांत ठाकुर व बतरान फिंगलास निवासी कुशुश्वर गुप्ता के पुत्र चंदन गुप्ता बुरी तरह जख्मी हो गये. जिसे ग्रामीणों के सहयोग से इलाज के लिए रेफरल अस्पताल राघोपुर लाया गया, जिसे चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए रेफर कर दिया.
आक्रोशित लोगों ने किया पुलिस के खिलाफ उग्र आंदोलन
वहीं घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एनएच 57 को जाम कर दिया. ग्रामीणों ने टायर जलाकर घंटों प्रदर्शन किया. वहीं लोगों के आक्रोश का सामना कर रही प्रशासन घटना स्थल पर पहुंचकर भी मूक दर्शक बनी रही. ग्रामीणों ने पुलिस पर सीधा-सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस रोज यहां अवैध उगाही के लिए बैठी रहती है. लेकिन किसी तरह की इंसानियत से पुलिस को कोई सरोकार नहीं है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आज की घटना पुलिस के खदेड़ने के कारण वाहन चालक द्वारा तेज रफ्तार में भागने से हुई है. लोगों का आरोप था कि घटना के कारण एक मां-बाप से उसका इकलौता बेटा छीन लिया. घटना को लेकर लोग इतने आक्रोशित थे कि मौके पर पुलिस को काफी देर तक पहुंचने नहीं दिया. लिहाजा पुलिस लोगों के हुजूम से दूर ही रहे.
अस्पताल में एंबुलेंस नहीं रहने से आक्रोशित हुए परिजन
घटना के बाद जब दोनों घायल को इलाज के लिए रेफरल अस्पताल लाया तो डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया. लेकिन अस्पताल परिसर में एक भी एंबुलेंस नहीं रहने के कारण परिजनों का आक्रोश और भी बढ़ गया. परिजनों का आरोप था कि एंबुलेंस नहीं रहने के कारण लोग अपने मरीज को कहीं बाहर ले जाने में भी सक्षम नहीं हैं. वहीं प्राइवेट गाड़ी भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है. वहीं डॉक्टरों ने बताया कि लगभग पिछले एक महीने से एंबुलेंस खराब है. सरकार द्वारा इसकी जिम्मेदारी निजी संस्था के हाथों में सौंपने के बाद लोग विवश हैं. वहीं घटना स्थल पर वीरपुर एसडीओ सुभाष कुमार, बीडीओ मनोज कुमार, थानाध्यक्ष चंद्रकांत गौरी घटना स्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. लोगों में इस घटना को लेकर इस कदर आक्रोश था कि जाम हटाने पहुंचे अधिकारी को भी काफी मशक्कत झेलनी पड़ी. देर शाम तक जाम जारी था और अधिकारी जाम हटाने की जद्दोजहद में जुटे हुए थे.
